February 19, 2026

शराबबंदी की समीक्षा से ज्यादा ठोस नतीजे का इंतजार : राजेश राठौड़

पटना। शराबबंदी कानून के लागू हुए 5 साल होने पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार द्वारा समीक्षात्मक बैठक करने की घोषणा पर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने कहा कि नीतीश कुमार की हठधर्मिता ने बिहार को नए संकट में डाल रखा है। शराब के अवैध कारोबार का सिंडिकेट खड़ा हो गया है और यह प्रत्येक जिले में माफिया राज के संरक्षण में संचालित हो रहा है, बावजूद इसके मुख्यमंत्री समीक्षात्मक बैठकों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। राज्य में अवैध शराब निर्माण और बिक्री की लगातार खबरें आती हैं और पुलिस प्रशासन का नेटवर्किंग माफिया ने ध्वस्त कर रखा है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुंभकर्णी नींद जहरीले शराब से सैंकड़ों लोगों के मौत और शराबबंदी कानून से हजारों गिरफ्तारियों के बाद खुली है या उन्हें अब तक पता नहीं था कि शराब बिक्री और निर्माण बिहार में लगातार हो रही है। यदि पता है तो क्या उन्हें नहीं लगता कि उनका कानून महज दिखावा बनकर रह गया है और बिहार में शराब खुलेआम उपलब्ध हो रही है?
बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि सीएम नीतीश को स्वतंत्र सर्वे एजेंसी से सर्वे कराना चाहिए कि शराबबंदी कानून से पूर्व और उसके आगमन के बाद शराब की कितनी खपत राज्य में है। निष्पक्ष सर्वे से बिहार के इस हठधर्मी कानून में सुधार आने की गुंजाइश होगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में आपराधिक मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और बिहार की जनता इस काले कानून की वजह से बहुत परेशान हो रही है।

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