पटना में बनेगा शानदार अंडरग्राउंड सब-वे, महावीर मंदिर के पास जल्द शुरू होगा निर्माण
पटना। पटना में तेजी से बदलते शहरी ढांचे के बीच अब एक और बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है। राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल पटना जंक्शन और महावीर मंदिर क्षेत्र में जल्द ही एक आधुनिक अंडरग्राउंड सब-वे का निर्माण शुरू होगा। यह सब-वे न केवल पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराएगा, बल्कि ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मेट्रो परियोजना के तहत बनने वाला यह नया सब-वे पटना शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पटना जंक्शन क्षेत्र में नई सुविधा की जरूरत
पटना जंक्शन और महावीर मंदिर का इलाका रोजाना हजारों यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही का केंद्र रहता है। ट्रेन पकड़ने आने वाले यात्री, मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले लोग और आसपास के बाजारों में जाने वाली भीड़ के कारण यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पार करने के दौरान पैदल यात्रियों को भारी जोखिम उठाना पड़ता है। कई बार हादसों की आशंका भी बनी रहती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मेट्रो प्रशासन ने यहां एक नए अंडरग्राउंड सब-वे के निर्माण की योजना बनाई है।
महावीर मंदिर से मेट्रो स्टेशन तक सीधा संपर्क
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यह नया अंडरग्राउंड सब-वे पटना जंक्शन के पास महावीर मंदिर के सामने बनेगा। इसका निर्माण मौजूदा सब-वे के ठीक बगल से किया जाएगा और यह सीधे बुद्धा स्मृति पार्क के सामने बन रहे इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन तक जाएगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सुरक्षित तरीके से मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। यह सब-वे पैदल यात्रियों के लिए एक सुगम और सुरक्षित कॉरिडोर का काम करेगा।
पहले से मौजूद सब-वे से होगा जुड़ाव
पटना जंक्शन क्षेत्र में पहले से ही एक 440 मीटर लंबा भूमिगत पथ मौजूद है, जो स्टेशन से जीपीओ स्थित मल्टी मॉडल हब तक जाता है। इसका उद्घाटन पिछले वर्ष मई में किया गया था। नए सब-वे का निर्माण इसी नेटवर्क को आगे बढ़ाने का हिस्सा है। पहले से छोड़े गए कनेक्टिंग प्वाइंट का उपयोग कर नए अंडरग्राउंड पथ को पुराने सब-वे से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक सतत और सुविधाजनक मार्ग मिल सकेगा।
मई से शुरू होगी खुदाई, टीबीएम से होगा निर्माण
मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि नए अंडरग्राउंड सब-वे की खुदाई मई महीने से शुरू होने की संभावना है। इसके लिए टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह मशीन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होती है और आसपास के भवनों व संरचनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए खुदाई का काम करती है। टीबीएम का उपयोग न केवल सब-वे के लिए किया जाएगा, बल्कि बुद्धा स्मृति पार्क के सामने बन रहे मेट्रो स्टेशन की खुदाई में भी यही मशीन लगेगी। नया सब-वे लगभग 17 मीटर लंबा होगा, लेकिन इसका महत्व इसकी कनेक्टिविटी और उपयोगिता के कारण कहीं अधिक है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया सब-वे
नया अंडरग्राउंड सब-वे केवल एक साधारण पैदल रास्ता नहीं होगा। इसमें यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। एस्केलेटर, लिफ्ट और ट्रैवलेटर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चे और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को हर समय सुरक्षित महसूस हो।
मेट्रो के दो कॉरिडोर को जोड़ने में अहम भूमिका
यह नया सब-वे पटना मेट्रो के दोनों प्रमुख कॉरिडोर को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पहला कॉरिडोर दानापुर से बेली रोड होते हुए पटना जंक्शन तक आ रहा है, जबकि दूसरा कॉरिडोर पीएमसीएच से गांधी मैदान होते हुए इस क्षेत्र तक पहुंचेगा। बुद्धा स्मृति पार्क के सामने बन रहा मेट्रो स्टेशन एक इंटरचेंज प्वाइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। अलग-अलग फ्लोर पर बने स्टेशनों के बीच यात्री आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे और नए सब-वे के जरिए पैदल आवागमन और भी सरल हो जाएगा।
निर्माण के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाएं
मेट्रो स्टेशन और सब-वे के निर्माण के कारण फिलहाल पटना जंक्शन का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए महावीर मंदिर और दूध मार्केट की ओर लगभग आठ फीट चौड़ा वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है। चार पहिया वाहनों के लिए जीपीओ गोलंबर और मीठापुर फ्लाईओवर के नीचे से वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक ये व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।
शहर को मिलेगी बड़ी राहत
नए अंडरग्राउंड सब-वे के बनने के बाद पटना जंक्शन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सड़क पर पैदल यात्रियों की संख्या घटेगी, जिससे वाहनों का प्रवाह बेहतर होगा और जाम की समस्या कम होगी। यात्रियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पटना को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी। आने वाले समय में जब यह सब-वे पूरी तरह चालू हो जाएगा, तब इसका प्रत्यक्ष लाभ शहरवासियों को रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस होने लगेगा।


