February 15, 2026

कश्मीर में घुसपैठ कर रहे दो आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास दो आतंकवादी भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सेना ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई गुरुवार रात से शुरू हुई और शुक्रवार सुबह तक जारी रही। सेना ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया एजेंसियों से मिले ठोस इनपुट के आधार पर की गई थी। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी और संदिग्ध की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ अभियान
सेना के श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने बताया कि देर रात उन्हें नियंत्रण रेखा पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद केरन सेक्टर में अतिरिक्त जवानों को तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई। सुबह के वक्त जवानों ने एलओसी के पास संदिग्ध गतिविधि देखी और घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों को चेतावनी दी। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, “सतर्क जवानों ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। सेना ने जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादियों को मार गिराया।” घटना स्थल से दो एके-47 राइफल, कारतूस और पाकिस्तानी मूल के खाद्य पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों आतंकवादी पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कर रहे थे।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
सेना और पुलिस की संयुक्त टीम फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है। यह जांच की जा रही है कि कहीं अन्य आतंकवादी भागकर आसपास के जंगलों में तो नहीं छिपे हैं। सुरक्षा बलों ने केरन सेक्टर के कई गांवों में कड़ा पहरा बढ़ा दिया है। क्षेत्र में आम लोगों की आवाजाही को भी कुछ समय के लिए सीमित कर दिया गया है ताकि तलाशी अभियान में किसी तरह की बाधा न आए। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सीमा पर इस तरह की घुसपैठ की कोशिशें हर साल सर्दी शुरू होने से पहले तेज हो जाती हैं, क्योंकि बर्फबारी के बाद एलओसी के कई रास्ते बंद हो जाते हैं। आतंकवादी संगठन इसी समय भारत में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ा देते हैं।
श्रीनगर में तीन संदिग्ध गिरफ्तार
इसी बीच, श्रीनगर पुलिस ने भी शुक्रवार को तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई ममता चौक, कोनाखान डलगेट क्षेत्र में की गई। नियमित वाहनों की जांच के दौरान पुलिस को एक बिना नंबर प्लेट वाली काली मोटरसाइकिल दिखी। जब पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया तो बाइक पर सवार तीनों युवक भागने लगे। सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर तीनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देसी कट्टा और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों किसी आतंकी संगठन से जुड़े हैं और हथियारों की मदद से श्रीनगर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार युवकों की पहचान और पूछताछ
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार युवकों में शाह मुतैयब और कामरान हसन शाह शामिल हैं, जो कुलीपोरा खानयार, श्रीनगर के निवासी हैं। तीसरा युवक मोहम्मद नदीम मेरठ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, जो इस समय खानयार इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में तीनों ने कबूल किया है कि वे किसी अज्ञात संगठन के लिए काम कर रहे थे और श्रीनगर में अशांति फैलाने की योजना बना रहे थे। तीनों के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आतंकी गतिविधियों पर बढ़ा नियंत्रण
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के महीनों में घाटी में आतंकियों की गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान के आतंकवादी गुट फिर से सक्रिय हो रहे हैं। खासकर नियंत्रण रेखा के आसपास छोटे समूहों के जरिए घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं। सेना ने बताया कि इस साल अब तक घाटी में एलओसी पर घुसपैठ की दर्जनों कोशिशें नाकाम की गई हैं। इसमें 30 से अधिक आतंकवादी मारे जा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सीमा पार से आतंकियों को भेजने की कोशिशें उस समय बढ़ जाती हैं जब अंतरराष्ट्रीय दबाव पाकिस्तान पर कम होता है।
सेना और पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई साजिश
कुपवाड़ा और श्रीनगर में हुई इन दो घटनाओं से स्पष्ट है कि भारतीय सुरक्षा बल हर स्तर पर सतर्क हैं। सीमा पर सेना की निगरानी के साथ-साथ घाटी के भीतर भी पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं। सेना ने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिशें जारी हैं, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है। “हमारा लक्ष्य हर उस प्रयास को नाकाम करना है जो भारत की शांति और स्थिरता के खिलाफ हो,” चिनार कोर की ओर से कहा गया। कुपवाड़ा की मुठभेड़ और श्रीनगर में हुई गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवाद के खिलाफ किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। सर्दियों से पहले घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आई है, लेकिन सेना और पुलिस की तत्परता ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की एक और साजिश को नाकाम कर दिया है। घटनाओं की इन दो श्रृंखलाओं ने फिर से दिखा दिया कि घाटी में शांति बहाल करने के लिए सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल कितना मजबूत हो चुका है। फिलहाल कुपवाड़ा में तलाशी अभियान जारी है और सेना ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा।

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