पटना में चलती ट्रेन से गिरी दो छात्राएं, मोबाइल चलाने से हादसा, एक की हालत गंभीर
पटना। पटना रेल मंडल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ चलती ट्रेन से दो छात्राएं गिर गईं। यह दुर्घटना दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत बरहपुर हॉल्ट के पास हुई। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं लखीसराय की रहने वाली हैं और स्नातक पार्ट-3 की परीक्षा देकर पटना से वापस अपने घर लौट रही थीं। वे पटना-झाझा मेमो ट्रेन में यात्रा कर रही थीं, जब यह हादसा हुआ।
अत्यधिक भीड़ और लापरवाही बनी हादसे की वजह
घायल छात्रा के भाई सुमित कुमार के अनुसार, ट्रेन में भारी भीड़ थी और छात्राएं गेट के पास खड़ी थीं। इसी दौरान वे मोबाइल चला रही थीं और संतुलन बिगड़ने के कारण चलती ट्रेन से नीचे गिर गईं। यह हादसा मोबाइल चलाने और सावधानी नहीं बरतने की वजह से हुआ। ट्रेन की रफ्तार तेज थी, जिस कारण छात्राएं दूर जा गिरीं और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
घटना के तुरंत बाद पहुंची मदद
घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी के सब इंस्पेक्टर गंगे राघव और आरपीएफ मोकामा के एएसआई विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देरी किए दोनों छात्राओं को इलाज के लिए मोकामा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टर वैद्यनाथ कुमार ने जांच के बाद एक छात्रा की स्थिति को गंभीर बताया।
गंभीर छात्रा को पटना रेफर किया गया
चूंकि एक छात्रा की हालत बेहद गंभीर थी, उसे बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
परिवार में पसरा मातम, लापरवाही पर सवाल
हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि ट्रेन में भीड़ की स्थिति आम बात हो गई है, और रेलवे प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही यह घटना युवाओं के बीच मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और असावधानी का जीता-जागता उदाहरण बन गई है।
रेलवे प्रशासन से मांग: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों
इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि ट्रेनों में भीड़ नियंत्रित करने और गेट के पास खड़े होने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इसके अलावा यात्रियों को भी यात्रा के दौरान सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। यह हादसा न सिर्फ एक चेतावनी है बल्कि एक बड़ी सीख भी है कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। उम्मीद की जा रही है कि घायल छात्रा जल्द स्वस्थ होगी और रेलवे प्रशासन ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।


