पटना मेट्रो के दो नए स्टेशन जल्द होंगे शुरू, दिल्ली से निगरानी करने आएगी टीम, होली के बाद संभावना
पटना। मेट्रो परियोजना में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शहरवासियों को जल्द ही दो नए मेट्रो स्टेशनों की सौगात मिलने वाली है। होली के बाद मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और दिल्ली से सुरक्षा व तकनीकी मानकों की जांच के लिए विशेष टीम पटना आने वाली है। मेट्रो सेवा शुरू होने से पूर्व सभी औपचारिकताओं को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच सेवा शुरू करने से पहले मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा अंतिम निरीक्षण किया जाएगा। यह निरीक्षण फरवरी के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक, 25 से 28 फरवरी के बीच मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त की टीम पटना पहुंचेगी। इस दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नल प्रणाली, प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाएं, आपातकालीन इंतजाम और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन दोनों स्टेशनों के बीच मेट्रो संचालन को हरी झंडी दी जाएगी। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा तो मार्च के पहले सप्ताह में मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है। इसी बीच, पटना मेट्रो नेटवर्क के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण स्टेशन के रूप में विकसित किए जा रहे पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह स्टेशन बुद्धा पार्क के पास बनाया जा रहा है और इसे पूरे मेट्रो नेटवर्क का प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा। तीन मंजिला इस स्टेशन से मेट्रो कॉरिडोर एक और कॉरिडोर दो के सभी स्टेशनों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रियों को एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर में जाने के लिए अतिरिक्त असुविधा नहीं होगी। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन का प्लेटफॉर्म रेलवे स्टेशन के पास बने पुल के नीचे तक फैला होगा। स्टेशन के पहले तल पर टिकट काउंटर, सुरक्षा जांच द्वार और यात्रियों की अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दूसरे और तीसरे तल पर अलग-अलग प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी। दूसरे तल से कॉरिडोर दो की मेट्रो ट्रेनें चलेंगी, जो पटना जंक्शन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक का सफर तय करेंगी। वहीं तीसरे तल से कॉरिडोर एक की ट्रेनें संचालित होंगी, जो पटना जंक्शन से दानापुर मेट्रो स्टेशन तक जाएंगी। पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन के लिए तीन भूमिगत सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से एक सुरंग आकाशवाणी की दिशा में पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि मीठापुर और विद्युत भवन की ओर जाने वाली दो सुरंगों का निर्माण कार्य अब शुरू किया जाएगा। कॉरिडोर दो की मेट्रो ट्रेनें गांधी मैदान और दूरदर्शन केंद्र होते हुए पटना जंक्शन पहुंचेंगी, जबकि कॉरिडोर एक की ट्रेनें दानापुर की दिशा से स्टेशन तक आएंगी और आगे मीठापुर होते हुए खेमनीचक तक जाएंगी। तकनीकी रूप से यह परियोजना काफी जटिल मानी जा रही है। डाकबंगला चौराहा के पास दोनों कॉरिडोर की ट्रेनें जमीन के नीचे लगभग छह मीटर की दूरी पर एक साथ चलेंगी। आकाशवाणी की ओर से आने वाली ट्रेनें जमीन से करीब 11 से 12 मीटर नीचे दूसरे तल के प्लेटफॉर्म तक पहुंचेंगी, जबकि विद्युत भवन की दिशा से आने वाली ट्रेनें लगभग 23 से 24 मीटर नीचे तीसरे तल के प्लेटफॉर्म तक पहुंचेंगी। इस व्यवस्था को यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष तकनीकी उपाय किए जा रहे हैं। पटना मेट्रो परियोजना से जुड़ी एक और बड़ी प्रशासनिक पहल भी की जा रही है। मेट्रो का प्रशासनिक कार्यालय अब बोरिंग रोड स्थित इंदिरा भवन से स्थानांतरित होकर आईएसबीटी डिपो परिसर में शिफ्ट किया जा रहा है। अगले दो से तीन दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आईएसबीटी डिपो परिसर में चार मंजिला आधुनिक प्रशासनिक भवन तैयार किया गया है, जहां परियोजना से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर कार्य करेंगे। इससे मेट्रो परियोजना के संचालन, निगरानी और समन्वय में अधिक सुविधा होने की उम्मीद है। पटना मेट्रो के इन नए स्टेशनों और सुविधाओं के शुरू होने से शहर की परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी। जाम की समस्या से जूझ रहे पटना के लोगों के लिए मेट्रो एक भरोसेमंद और तेज विकल्प के रूप में उभर रही है। आने वाले समय में जैसे-जैसे नेटवर्क का विस्तार होगा, राजधानी के आवागमन की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।


