निर्माणाधीन मकान से दो लाख से अधिक की चोरी, पीड़ित ने फुलवारीशरीफ थाना में दी लिखित शिकायत
पटना। फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ताजा मामला सैदा नगर इलाके से सामने आया है, जहां एक निर्माणाधीन मकान से दो लाख रुपये से अधिक मूल्य के सामान की चोरी कर ली गई। इस संबंध में पीड़ित ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार सैदा नगर निवासी विद्यासागर कुमार, पिता सिकंदर राम, का मकान निर्माणाधीन है। विद्यासागर कुमार ने बताया कि दो से तीन दिन पहले रात के समय उन्होंने अपने मकान के बगल में दो युवकों को संदिग्ध अवस्था में छुपते हुए देखा था। दोनों युवक अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे। इस पर जब विद्यासागर कुमार ने उन्हें रोककर पूछताछ की तो युवकों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वे लोग पुलिस के डर से शराब फेंकने आए थे। युवकों के जवाब से विद्यासागर कुमार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए और उन्हें शक हुआ। इसी संदेह के आधार पर उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए दोनों युवकों की तस्वीर अपने मोबाइल फोन से खींच ली। इतना ही नहीं, उन्होंने युवकों के आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो भी अपने मोबाइल में सुरक्षित कर ली। इसके बाद दोनों युवक वहां से निकल गए। अगली सुबह जब विद्यासागर कुमार अपने निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। मकान से बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री गायब थी। जांच करने पर पता चला कि करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक मूल्य का इलेक्ट्रिक वायर, लगभग 22 हजार रुपये का वायरिंग पाइप और करीब 20 हजार रुपये मूल्य के नल व अन्य सेनेटरी सामान चोरी हो चुका है। इसके अलावा भी कुछ छोटे-मोटे सामान गायब पाए गए। चोरी की घटना सामने आने के बाद विद्यासागर कुमार को पूरा यकीन हो गया कि रात में दिखाई दिए वही दोनों युवक इस वारदात में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देने का फैसला किया। इसके बाद पीड़ित ने फुलवारीशरीफ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के साथ उन्होंने आरोपित युवकों की तस्वीरें, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सभी दस्तावेज भी पुलिस को सौंप दिए, ताकि जांच में आसानी हो सके। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर उनमें काफी रोष है। विद्यासागर कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन मकान से चोरी होना पहले ही आर्थिक नुकसान का कारण है और ऊपर से पुलिस कार्रवाई में देरी से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और चोरी गया सामान बरामद किया जाए। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा है। इलाके के निवासियों का कहना है कि निर्माणाधीन मकानों को चोर अक्सर निशाना बनाते हैं, क्योंकि वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। लोगों ने पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। थाने के अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित द्वारा दिए गए तथ्यों और दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि समय रहते चोरी की घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई तो भविष्य में ऐसी वारदातें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे मिलकर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें, ताकि आम लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।


