बांका में बाइक सवार दो मजदूरों को पिकअप ने मारी टक्कर, दोनों की दर्दनाक मौत, ड्राइवर की तलाश जारी
बांका। बिहार के बांका जिले से गुरुवार की देर शाम एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। पंजवारा थाना क्षेत्र के धोरैया-पंजवारा मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार पिकअप वैन ने बाइक सवार दो मजदूरों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि बाइक कई टुकड़ों में बिखर गई, जबकि पिकअप वैन का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
हादसे का दर्दनाक मंजर
घटना गुरुवार की शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान रामकोल गांव के रहने वाले संतोष यादव और सोनू कुमार यादव के रूप में हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे किसी काम से पंजवारा की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप वैन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर काफी दूर तक उछल गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सीधी बाइक से जा टकराया। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे।
मौके पर उमड़ी भीड़, पुलिस ने किया शवों को कब्जे में
स्थानीय ग्रामीणों ने घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पंजवारा थाना अध्यक्ष चंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, पिकअप वाहन को जब्त कर लिया गया है और चालक की तलाश में छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि “दुर्घटना में दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वाहन को जब्त कर लिया गया है और चालक की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।”
परिवार में पसरा मातम, गांव में छाई शोक की लहर
दोनों मृतक विवाहित थे और अपने-अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे रामकोल में मातम पसर गया। दोनों के घरों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, खासकर दोनों की पत्नियां बदहवास हैं। ग्रामीणों ने बताया कि संतोष और सोनू बेहद मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी असमय मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि उनके परिवारों को आर्थिक मदद मिल सके। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस सड़क पर आए दिन तेज रफ्तार गाड़ियों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
हादसे के कारणों की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ है। पिकअप वैन का चालक दुर्घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। वाहन की नंबर प्लेट से उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। सड़क पर दोनों वाहनों के मलबे को देखकर यह स्पष्ट हो रहा था कि टक्कर आमने-सामने की थी। बाइक के हिस्से कई मीटर दूर तक बिखरे पड़े थे। पुलिस ने घटनास्थल से टायरों के निशान भी एकत्र किए हैं, जिससे हादसे के क्रम को समझा जा सके।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर बांका जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धोरैया-पंजवारा मुख्य मार्ग पर ट्रक और पिकअप जैसी बड़ी गाड़ियां अक्सर तेज गति से चलती हैं। सड़क संकरी होने और सड़क किनारे रौशनी की कमी के कारण दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और रात के समय पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का निर्देश दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि चालक की गिरफ्तारी के बाद उस पर लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही, जिला परिवहन अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा उपायों को लागू किया जा सके। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को सरकारी नियमों के तहत आर्थिक सहायता देने की भी बात कही है। बांका का यह हादसा न केवल दो परिवारों की खुशियां छीन ले गया, बल्कि यह भी दिखाता है कि सड़कों पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार किस तरह निर्दोष लोगों की जान ले रही है। ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन शायद ही होता है, और यह दुर्घटना उसकी एक दर्दनाक मिसाल है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर सड़क सुरक्षा के सख्त उपाय करेगा या फिर ऐसी घटनाएं भविष्य में भी होती रहेंगी। फिलहाल, रामकोल गांव शोक में डूबा है, जहां दो घरों के चूल्हे बुझ गए हैं और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।


