पटना में बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत, ड्राइवर फरार
पटना। जिले के फतुहा थाना क्षेत्र स्थित सूपनचक फोरलेन पर सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस घटना में एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान हाजीपुर गांव निवासी 22 वर्षीय संतोष कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार अपनी बाइक से फतुहा की ओर जा रहा था। जब वह सूपनचक फोरलेन के पास पहुंचा, तभी अचानक एक अनियंत्रित ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि संतोष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
हादसे की खबर मिलते ही संतोष के परिजन और गांव के अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। युवक की दर्दनाक मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने फोरलेन को एक घंटे से अधिक समय तक जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीड़ित परिवार की स्थिति
मृतक संतोष कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके चचेरे भाई अजीत पासवान के अनुसार, संतोष की हाल ही में शादी हुई थी और उसका मात्र तीन महीने का एक बच्चा भी है। इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। संतोष की पत्नी अपने पति की मौत की खबर सुनकर कई बार बेहोश हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही फतुहा थाना अध्यक्ष रूपक कुमार अंबुज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और फोरलेन से जाम हटवाया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि ट्रक चालक की तलाश की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सामाजिक और प्रशासनिक सवाल
यह दुर्घटना सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक बेकाबू वाहन निर्दोष लोगों की जान लेते रहेंगे? फोरलेन जैसी तेज गति वाली सड़कों पर यातायात नियमों का पालन न होना, चालकों की लापरवाही और निगरानी तंत्र की कमजोरियां ऐसी घटनाओं को बार-बार जन्म दे रही है। संतोष कुमार की मौत सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और प्रशासनिक चेतना को झकझोरने वाली घटना है। अब जरूरी हो गया है कि प्रशासन न केवल ऐसे हादसों पर त्वरित कार्रवाई करे, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम भी उठाए। संतोष जैसे युवकों की मौत रोकने के लिए ज़रूरी है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।


