सीएम नीतीश ने अपनी पत्नी की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी धर्मपत्नी एवं समाजसेवी स्वर्गीय मंजू सिन्हा की जयंती के अवसर पर पटना के कंकड़बाग स्थित स्वर्गीय मंजू सिन्हा स्मृति पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुछ क्षण मौन रहकर अपनी दिवंगत पत्नी को याद किया और उनके जीवन एवं योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। कार्यक्रम के दौरान जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन कंकड़बाग स्थित स्मृति पार्क में किया गया, जहां स्वर्गीय मंजू सिन्हा की प्रतिमा स्थापित है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे ही पार्क पहुंचे, उन्होंने पूरे सम्मान के साथ प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और मौन रहकर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने भी मंजू सिन्हा को श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। कार्यक्रम का माहौल भावुक और श्रद्धामय रहा। स्वर्गीय मंजू सिन्हा अपने सादगीपूर्ण जीवन और सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का प्रयास नहीं किया, लेकिन समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यों में वे चुपचाप सक्रिय रहती थीं। सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण को आज भी लोग याद करते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा का वैवाहिक जीवन सादगी और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक रहा। दोनों का विवाह एक साधारण पारिवारिक वातावरण में संपन्न हुआ था। उनके वैवाहिक जीवन में आपसी समझ, सहयोग और सादगी की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। मुख्यमंत्री के राजनीतिक जीवन में मंजू सिन्हा ने हमेशा एक मजबूत सहायक और प्रेरणा स्रोत की भूमिका निभाई। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से दूर रहकर भी मुख्यमंत्री को निजी और सामाजिक जीवन में संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री और मंजू सिन्हा के वैवाहिक जीवन से उन्हें एक पुत्र निशांत कुमार प्राप्त हुए। निशांत कुमार आमतौर पर सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहते हैं, लेकिन पारिवारिक अवसरों पर वे अपने पिता के साथ दिखाई देते रहे हैं। मुख्यमंत्री कई अवसरों पर यह स्वीकार कर चुके हैं कि उनके परिवार ने उन्हें जीवन में संतुलन और जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी है। स्वर्गीय मंजू सिन्हा का निधन वर्ष 2007 में हुआ था, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए एक गहरा व्यक्तिगत आघात था। उस समय भी उन्होंने अपने सार्वजनिक कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ जारी रखा। हालांकि, निजी तौर पर यह क्षति उनके जीवन की सबसे बड़ी पीड़ाओं में से एक रही। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से कंकड़बाग में स्वर्गीय मंजू सिन्हा स्मृति पार्क का निर्माण कराया गया, जहां उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। यह पार्क आज भी उनके सामाजिक योगदान और स्मृति का प्रतीक बना हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और अधिकारियों ने भी स्वर्गीय मंजू सिन्हा के व्यक्तित्व और योगदान को याद किया। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में बिना किसी प्रचार के महत्वपूर्ण कार्य किए और हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि वे अपनी धर्मपत्नी की स्मृतियों को आज भी सम्मानपूर्वक संजोए हुए हैं। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की भावनात्मक झलक सामने आई, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में स्वर्गीय मंजू सिन्हा के योगदान को भी एक बार फिर याद किया गया। यह कार्यक्रम उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।


