पटना समेत बिहार में बदला मौसम, आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित

  • 38 जिलों में अलर्ट जारी, 12 जिलों में अलर्ट अलर्ट के साथ तेज हवा और ओलावृष्टि की आशंका
  • आंधी से पेड़, होर्डिंग और गेट गिरे, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप

पटना। बिहार में शुक्रवार देर रात से मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे राजधानी पटना समेत कई जिलों में आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया। आधी रात के बाद तेज हवा, गरज-चमक और बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। शनिवार सुबह भी पटना के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि किशनगंज सहित कई जिलों में आसमान में घने काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें से 12 जिलों के लिए अलर्ट अलर्ट घोषित किया गया है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं, शेष 26 जिलों में येलो अलर्टजारी किया गया है, जहां हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में शुक्रवार रात लगभग 11 बजे तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवा के कारण होर्डिंग्स उड़ गए और पेड़ गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। डाकबंगला चौराहे पर लगी एक बड़ी प्रकाश व्यवस्था तेज हवा के कारण गिर गई। उस समय पास ही एक मंच पर कार्यक्रम चल रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रामनवमी के अवसर पर बनाए गए कई स्वागत द्वार भी तेज हवा के कारण गिर गए। कोतवाली के पास बना एक बड़ा द्वार गिरने से सड़क बाधित हो गई, जिसे बाद में मशीन के माध्यम से हटाकर रास्ता चालू कराया गया। शहर के जगदेव पथ, बेली रोड, पाटलिपुत्र, अगमकुआं, कदमकुआं, राजेंद्र नगर, नाला रोड, प्रदर्शनी मार्ग, एसपी वर्मा मार्ग और लोहानीपुर सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अन्य जिलों में भी मौसम का असर स्पष्ट रूप से देखा गया। भागलपुर, खगड़िया, लखीसराय, गया और किशनगंज में तेज हवा के साथ बारिश हुई। किशनगंज और सुपौल में ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सहरसा में भारी बारिश के कारण कई मोहल्लों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। नालंदा में आंधी के दौरान एक अस्पताल परिसर में आग लगने की घटना भी सामने आई। हालांकि, अग्निशमन दल की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और बड़ा नुकसान टल गया। छपरा और बक्सर में भी मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित रहा और कई स्थानों पर पेड़ गिरने की सूचना मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव है। दिन में बढ़ती गर्मी और रात में ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में अस्थिरता उत्पन्न हो रही है, जिससे आंधी और बारिश की स्थिति बन रही है। साथ ही, दबाव क्षेत्र बनने से हवा की गति भी तेज हो गई है। पटना में पिछले 24 घंटों के दौरान लगभग 1.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी दिनभर बादल छाए रहेंगे और दोपहर के बाद तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि शाम के समय गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा। हालांकि, विभाग का यह भी कहना है कि 31 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और अप्रैल की शुरुआत से गर्मी का असर फिर से बढ़ेगा। दिन का तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।