February 11, 2026

पूर्णिया में तालाब में डूबकर युवक की दर्दनाक मौत, पैर फिसलने से हादसा, परिवार में कोहराम

पूर्णिया। जिले के रूपौली थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात को एक दर्दनाक हादसे में तालाब में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि युवक खेत से लौटते समय तालाब के किनारे से गुजर रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। मृतक की पहचान कटिहार जिले के पोठिया थाना क्षेत्र अंतर्गत रुचदेव सिमरिया गांव निवासी दिलीप मंडल के पुत्र सुजीत कुमार के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, सुजीत कुमार रूपौली के बसंतपुर गांव स्थित अपने खेत पर काम करने आया था। खेत का काम समाप्त कर वह कारी कोसी किनारे से होते हुए घर लौट रहा था। इसी दौरान तालाब के पास से गुजरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर पानी में गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तालाब की रखवाली कर रहे एक पहरेदार की नजर युवक पर पड़ी। उसने युवक को पानी में गिरते और डूबते देखा। पहरेदार तुरंत दूसरे छोर से दौड़ते हुए घटनास्थल की ओर भागा, लेकिन जब तक वह वहां पहुंचता, तब तक युवक पानी में डूब चुका था। उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों को बुलाया। कुछ ही देर में गोताखोर तालाब में उतर गए और युवक की तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक खोजबीन के बाद युवक को पानी के भीतर से बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। युवक को बाहर निकालते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही रूपौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जा सके। प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटनावश डूबने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। मृतक के पिता दिलीप मंडल ने बताया कि उनका बेटा सुबह खेत पर काम करने गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि एक सामान्य दिन इस तरह दुखद घटना में बदल जाएगा। बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब के किनारे फिसलन रहती है और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना एक बार फिर जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है। खासकर बरसात और ठंड के मौसम के बाद जब जमीन नम और फिसलन भरी होती है, तब इस तरह के हादसों की आशंका बढ़ जाती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार से उनका जवान बेटा छीन लिया और पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

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