पटना में मकान का मलवा सड़क पर फेंकने वालों की खैर नहीं, नगर निगम सख्त, लगेगा जुर्माना
पटना। पटना में बढ़ते प्रदूषण और गंदगी को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। शहर में तेजी से हो रहे निर्माण और तोड़फोड़ के कामों के कारण सड़कों, नालियों और खाली जमीनों पर मलबा फेंकने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा था, बल्कि हवा की गुणवत्ता भी खराब हो रही थी। इन समस्याओं को देखते हुए पटना नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़क पर मलबा फेंकने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
नए नियम लागू होने की पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में पटना में निर्माण गतिविधियों में काफी तेजी आई है। नए मकान, अपार्टमेंट, दुकानों और व्यावसायिक भवनों के निर्माण के साथ-साथ पुराने ढांचों को तोड़ा भी जा रहा है। इन सभी कार्यों से निकलने वाला मलबा अक्सर खुले में सड़क किनारे, नालियों में या खाली भूखंडों पर फेंक दिया जाता है। इससे धूल उड़ती है, जलजमाव की समस्या बढ़ती है और लोगों को सांस संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। नगर निगम के अनुसार, शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता में निर्माण मलबे की बड़ी भूमिका है।
खुले में मलबा फेंकने पर पूरी तरह रोक
नगर निगम ने साफ निर्देश दिया है कि अब किसी भी स्थिति में निर्माण या तोड़फोड़ से निकलने वाला मलबा खुले में नहीं फेंका जाएगा। चाहे वह व्यक्ति निजी मकान बना रहा हो, कोई बिल्डर हो या ठेकेदार—सब पर यह नियम समान रूप से लागू होगा। यदि कोई सड़क, नाली या खाली जमीन पर मलबा फेंकता हुआ पकड़ा गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि यह कदम शहर को स्वच्छ और रहने योग्य बनाए रखने के लिए जरूरी है।
तय स्थानों पर ही जमा करना होगा मलबा
नए नियमों के तहत निर्माण से निकलने वाला मलबा संबंधित क्षेत्र के पास बनाए गए कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन सेकेंडरी प्वाइंट पर ही जमा करना होगा। नगर निगम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में मलबा डंप करने के लिए छह स्थान निर्धारित किए हैं, ताकि लोगों को सुविधा भी मिले और अवैध डंपिंग पर रोक भी लगे। इन स्थानों में बांकीपुर के आर्य कुमार रोड के पास, अजीमाबाद के पहाड़ी क्षेत्र में, पटना सिटी के मालसलामी थाना के पास, पाटलिपुत्र कॉलोनी की पानी टंकी के पास, कंकड़बाग ट्रांसपोर्ट नगर और गर्दनीबाग के खगौल रोड क्षेत्र शामिल हैं।
निर्माण स्थल पर ग्रीन जाली अनिवार्य
नगर निगम ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी निर्माण स्थलों पर ग्रीन जाली या ग्रीन मेश लगाना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य यह है कि निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल सड़क पर न फैले और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी न हो। यदि किसी निर्माण स्थल पर ग्रीन जाली नहीं लगाई गई और धूल फैलती पाई गई, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति या संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।
जुर्माने का प्रावधान और निगरानी
नगर निगम के नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या संस्था चोरी-छिपे मलबा फेंकते हुए पकड़ी जाती है तो उस पर 1500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम की टीमें नियमित रूप से शहर के विभिन्न इलाकों में जांच और निगरानी करेंगी। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ चालान काटा जाएगा।
मलबा उठाने की सुविधा भी उपलब्ध
लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने मलबा उठाने की सेवा भी शुरू की है। घर या दुकान से निकलने वाले मलबे को उठवाने के लिए नागरिक 155304 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। नगर निगम की गाड़ी 600 रुपये प्रति चक्कर के शुल्क पर मलबा उठाकर तय डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाएगी। इसके अलावा, जानकारी और सहायता के लिए व्हाट्सएप नंबर 9264447449 भी जारी किया गया है, ताकि लोग आसानी से सेवा का लाभ उठा सकें।
प्रदूषण और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला
नगर निगम का कहना है कि मलबा इधर-उधर फेंकने से केवल शहर की सुंदरता ही खराब नहीं होती, बल्कि प्रदूषण भी तेजी से बढ़ता है। हवा में उड़ती धूल से अस्थमा, एलर्जी और अन्य सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नालियों में मलबा जमा होने से जलजमाव और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ सकता है, जिससे बीमारियों का खतरा और ज्यादा हो जाता है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें और शहर को साफ रखने में प्रशासन का सहयोग करें। निगम का मानना है कि यदि सभी लोग जिम्मेदारी से व्यवहार करें और मलबा तय स्थानों पर ही जमा करें, तो पटना को साफ, स्वच्छ और बेहतर शहर बनाया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल जुर्माना लगाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने और शहर के पर्यावरण को सुधारने के लिए है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब मलबा सड़क पर नहीं, बल्कि तय स्थानों पर ही जाएगा। आने वाले दिनों में निगरानी और सख्त की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी। इस पहल को शहर के पर्यावरण सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे पटना को प्रदूषण और गंदगी से राहत मिलने की उम्मीद है।


