बेगूसराय में अपराधियों ने दिनदहाड़े तीन युवकों को मारी गोली, एक की मौत, दो की हालत गंभीर
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में सोमवार को अपराधियों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दिनदहाड़े तीन युवकों को गोली मार दी। इस घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह वारदात लोहिया नगर थाना क्षेत्र के बाघा रेलवे गुमटी के पास हुई, जो बेगूसराय रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर की दूरी पर है। घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। मृतक युवक की पहचान 25 वर्षीय अमित कुमार के रूप में हुई है। वह बाघा रेलवे गुमटी के पास छोटे वाहनों से बैरियर शुल्क वसूलने का काम करता था। सोमवार की सुबह करीब 11:30 बजे वह अपने स्टाफ प्रिंस कुमार के साथ बैरियर पर बैठा था। तभी दो बाइक पर सवार चार अपराधी वहां पहुंचे और अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। 7 से 8 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें अमित, शुभम और प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान अमित की मौत
स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में तीनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक अमित की मौत हो चुकी थी। अन्य दो घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बाजार पूरी तरह से बंद हो गया। घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है।
हत्या के पीछे पुराना विवाद और साजिश का आरोप
मृतक के भाई अमर कुमार ने इस घटना को एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने बताया कि अमित आमतौर पर बैरियर पर नहीं बैठता था। सोमवार को उसे किसी ने बुलाकर वहां बुलाया और कुछ ही देर बाद फायरिंग शुरू हो गई। अमर ने यह भी दावा किया कि बैरियर के ठेके को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था और इसी विवाद के कारण अमित की हत्या की गई है।
नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत
अमर कुमार ने जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है, उनके नाम हैं– आलोक, राहुल, प्रेमी, मनीष, विष्णु और चिंटू। उनका कहना है कि इन सभी ने मिलकर अमित की हत्या की है। उन्होंने यह भी बताया कि पांच साल पहले उनके पिता की भी हत्या कर दी गई थी। यानी यह मामला किसी गहरी आपसी रंजिश और लंबे समय से चले आ रहे दुश्मनी का प्रतीक है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चार थानों की अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। खुद बेगूसराय के एसपी मनीष घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की निगरानी की। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। बेगूसराय की यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि राज्य में अपराधियों का मनोबल कितना ऊंचा है। दिनदहाड़े, सार्वजनिक स्थल पर गोलियों की बौछार और हत्या जैसी घटनाएं न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि आम जनता के मन में भय का माहौल भी बनाती हैं। अब देखना यह है कि पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी तेजी और प्रभावशीलता से कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कितनी सफल होती है।


