नवादा में तीन चोरों को ग्रामीणों ने पकड़ा, जमकर की पिटाई, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नवादा। जिले में चोरी की बढ़ती घटनाओं से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। जिले के वारसलीगंज क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में ग्रामीणों ने चोरी के आरोप में तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने पूरी रात तीनों को अपने कब्जे में रखा और सुबह पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों में पुलिस व्यवस्था को लेकर नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले दौलतपुर गांव में लगभग 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति की चोरी हुई थी। इस बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस अब तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसी वजह से वे खुद सतर्क हो गए थे और रात के समय गांव में निगरानी बढ़ा दी गई थी। इसी क्रम में देर रात एक पिकअप वाहन से चार युवक गांव में दाखिल हुए। ग्रामीणों को शक होने पर जब वे बाहर निकले तो एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि बाकी तीन युवकों को चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी और उनसे पूछताछ शुरू की। ग्रामीणों का दावा है कि पूछताछ के दौरान तीनों युवकों ने चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की। मौके से पिकअप वाहन को भी ग्रामीणों ने जब्त कर लिया। बताया जाता है कि रातभर तीनों आरोपियों को गांव में ही रखा गया। सुबह होते ही ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को अपने साथ थाने ले गई। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि चोरों को उन्होंने पकड़ा है, पुलिस केवल उन्हें ले जाने आई है। लोगों को इस बात की भी चिंता सता रही है कि उनकी चोरी गई संपत्ति वापस मिलेगी या फिर आरोपियों को जेल भेजकर मामला यहीं खत्म कर दिया जाएगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने वारसलीगंज क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिसिंग मजबूत होती और रात में गश्त ठीक से होती, तो चोर इस तरह बड़ी गाड़ियों से गांव में घुसकर वारदात को अंजाम नहीं दे पाते। ग्रामीणों का आरोप है कि चोर अक्सर रात के अंधेरे में पिकअप या अन्य बड़े वाहनों से गांव में आते हैं, चोरी करते हैं और आराम से निकल जाते हैं, जबकि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। कई बार घरों, दुकानों और खेतों में रखे सामान पर हाथ साफ किया गया, लेकिन ज्यादातर मामलों में न तो चोरी गया माल बरामद हुआ और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी। इसी वजह से ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही थी। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पकड़े गए आरोपी अपने गुनाह कबूल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। लोग सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और फरार चौथे आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। साथ ही जब्त पिकअप वाहन की भी जांच की जा रही है कि उसका इस्तेमाल पहले किन-किन घटनाओं में हुआ है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही चोरी के अन्य मामलों का भी खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे कानून अपने हाथ में लेना नहीं चाहते, लेकिन जब समय पर पुलिस मदद नहीं मिलती तो मजबूरी में ऐसा कदम उठाना पड़ता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या दौलतपुर गांव समेत आसपास के इलाकों में हुई चोरी की घटनाओं का भी पर्दाफाश हो पाता है या नहीं।

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