February 10, 2026

पटना एयरपोर्ट पर चालू किए गए तीन नए एयरोब्रिज, यात्रियों को मिलेंगे कई सुविधाएं, हवाई यात्रा होगी आसान

पटना। पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगातार आधुनिक सुविधाओं से लैस होता जा रहा है। हवाई अड्डे पर यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए हाल ही में तीन नए एयरोब्रिज चालू किए गए हैं। इसके साथ ही अब यात्रियों की हवाई यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और आरामदायक हो गई है। नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को विमान में चढ़ने के दौरान मौसम की मार से जूझना नहीं पड़ेगा और बोर्डिंग की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। अब तक पटना हवाई अड्डे पर यात्रियों की बोर्डिंग प्रक्रिया अपेक्षाकृत जटिल थी। चेक-इन और सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद यात्रियों को बोर्डिंग गेट पर प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। इसके बाद बस के माध्यम से उन्हें विमान तक ले जाया जाता था, जहां खुली जगह में लाइन लगाकर विमान में प्रवेश करना होता था। इस दौरान गर्मी, सर्दी या बारिश जैसी मौसमी परेशानियां यात्रियों के लिए असहज स्थिति पैदा करती थीं। नए एयरोब्रिज के शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। अब यात्री सीधे टर्मिनल भवन से एयरोब्रिज के जरिए विमान में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि यात्रा का अनुभव भी बेहतर होगा। फरवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच पटना हवाई अड्डे पर कई महत्वपूर्ण और आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। मई 2025 में हवाई अड्डे पर 750 वाहनों की क्षमता वाली बहु-स्तरीय पार्किंग सुविधा यात्रियों के लिए खोली गई। इस पार्किंग को टर्मिनल भवन से लगभग 150 मीटर लंबे स्वचालित पैदल मार्ग से जोड़ा गया है, जिससे यात्रियों को वाहन पार्क करने के बाद टर्मिनल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। जून 2025 में पटना हवाई अड्डे को एक नई टर्मिनल इमारत की सौगात मिली। लगभग 65,150 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस आधुनिक टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता करीब एक करोड़ आंकी गई है। इस टर्मिनल को बिहार की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के उद्देश्य से नालंदा शैली और मधुबनी कला के चित्रों से सजाया गया है। इससे बाहर से आने वाले यात्रियों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलती है। यात्रियों की सुविधा के लिए हवाई अड्डे पर दो आधुनिक कार्यकारी लाउंज भी शुरू किए गए हैं। इन लाउंज में उच्च गति इंटरनेट, मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, हल्के नाश्ते और समाचार पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। यह सुविधा विशेष रूप से व्यवसायिक यात्रियों और लंबी प्रतीक्षा में रहने वाले यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। सितंबर 2025 में हवाई अड्डे के विमान खड़े करने वाले क्षेत्र का पुनःडिजाइन किया गया। इसके तहत 11 नए पार्किंग बे बनाए गए हैं। इनमें नौ पार्किंग बे बड़े विमानों जैसे एयरबस ए-320 और बोइंग 737 के लिए हैं, जबकि दो पार्किंग बे छोटे एटीआर विमानों के लिए विकसित किए गए हैं। पार्किंग क्षमता बढ़ने के बाद पटना हवाई अड्डे से संचालित उड़ानों की संख्या 34 से बढ़कर 75 तक पहुंच गई है, जिससे राज्य का हवाई संपर्क और मजबूत हुआ है। नई टर्मिनल इमारत में यात्रियों के लिए 64 चेक-इन काउंटर स्थापित किए गए हैं। इनमें स्वचालित चेक-इन काउंटर और नौ स्वचालित टैग रीडर प्रणाली शामिल हैं। इसके साथ ही डिजी यात्रा द्वारों की सुविधा शुरू होने से संपर्क रहित यात्रा को बढ़ावा मिला है। सुरक्षा जांच क्षेत्र का भी विस्तार किया गया है और चार कन्वेयर बेल्ट लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिली है। डिजी यात्रा प्रणाली के माध्यम से अब यात्रियों को बार-बार पहचान पत्र या टिकट दिखाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह पूरी प्रक्रिया कागज रहित और तेज हो गई है। इसके अलावा, नए टर्मिनल में आठ इनलाइन बैगेज जांच मशीनें भी स्थापित की गई हैं, जिनसे सामान की जांच और चेक-इन एक साथ हो जाता है। इन सभी सुविधाओं के शुरू होने से पटना हवाई अड्डा अब देश के आधुनिक हवाई अड्डों की श्रेणी में तेजी से शामिल हो रहा है। यात्रियों को यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे न केवल यात्रा आसान हुई है बल्कि बिहार की छवि भी एक आधुनिक और विकसित राज्य के रूप में उभर रही है।

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