मणिपुर में तीन उग्रवादियों को सुरक्षाबलों ने किया गिरफ्तार, बम सहित हथियार बरामद
इंफाल। पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील राज्य मणिपुर में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। हालिया कार्रवाई में मणिपुर के घाटी क्षेत्रों से प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में शांति बहाली और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अलग-अलग संगठनों से जुड़े उग्रवादी पकड़े गए
सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों उग्रवादी अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं। पहली गिरफ्तारी कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नोयोन) के एक सक्रिय कैडर की हुई। उसे इंफाल पूर्वी जिले के कोंगपाल चिंगंगबम इलाके से पकड़ा गया। यह इलाका पहले भी उग्रवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। उसी दिन दूसरी गिरफ्तारी इंफाल पश्चिमी जिले के अम्बे खोंगनांग खोंग इलाके से हुई। यहां से प्रतिबंधित प्रेपाक (प्रो) के 50 वर्षीय सदस्य को सुरक्षाबलों ने दबोच लिया। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यक्ति लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा था और घाटी क्षेत्र में नेटवर्क बनाए रखने में उसकी भूमिका अहम मानी जा रही थी।
वसूली गतिविधियों में शामिल कैडर की गिरफ्तारी
तीसरी गिरफ्तारी भी इंफाल पश्चिमी जिले से ही हुई, जहां नागाराम इलाके से प्रतिबंधित पीपल्स लिबरेशन आर्मी के एक कैडर को पकड़ा गया। इस कैडर पर जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक लिफाफा बरामद किया गया, जिसमें दस डिमांड नोटिस रखे हुए थे। ये नोटिस व्यापारियों और स्थानीय लोगों से पैसे ऐंठने के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, वसूली की यह रकम उग्रवादी गतिविधियों को चलाने और हथियार खरीदने में इस्तेमाल की जाती थी। इस गिरफ्तारी को आर्थिक नेटवर्क तोड़ने की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है।
थौबल जिले में हथियारों का जखीरा बरामद
गिरफ्तारियों के साथ-साथ सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज करते हुए थौबल जिले के इकोप पट इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान हथियार और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका लंबे समय से उग्रवादी संगठनों के छिपने और हथियार छुपाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। बरामद सामग्री में आधुनिक हथियारों के साथ-साथ विस्फोटक भी शामिल हैं, जिससे यह अंदेशा मजबूत होता है कि इनका इस्तेमाल भविष्य में बड़ी वारदातों के लिए किया जा सकता था।
पहाड़ी इलाकों से एके राइफल और ग्रेनेड मिले
इसी क्रम में इंफाल पूर्वी जिले की नातुम चिंग और सनासाबी पहाड़ियों में भी व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इन दुर्गम इलाकों से एक देसी एके राइफल, एक हैंड ग्रेनेड और बम सहित अन्य हथियार बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पहाड़ी इलाके उग्रवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाने माने जाते हैं, क्योंकि यहां पहुंचना और निगरानी करना अपेक्षाकृत कठिन होता है। इन बरामदगियों से यह संकेत मिलता है कि उग्रवादी संगठन घाटी और पहाड़ी—दोनों इलाकों में समानांतर रूप से अपने ठिकाने बनाए हुए थे।
सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है यह अभियान
मणिपुर में हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशनों पर ज्यादा जोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियां और हथियार बरामदगी उसी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत छोटे-छोटे नेटवर्क को चिन्हित कर उन्हें तोड़ा जा रहा है। इससे न केवल सक्रिय कैडरों की संख्या घटती है, बल्कि उनके लॉजिस्टिक और फाइनेंशियल सपोर्ट सिस्टम पर भी असर पड़ता है।
स्थानीय सुरक्षा और शांति पर असर
इन कार्रवाइयों का सीधा असर स्थानीय सुरक्षा हालात पर पड़ने की उम्मीद है। घाटी जिलों में आम नागरिकों के बीच भय का माहौल कम करने और भरोसा बहाल करने के लिए ऐसी कार्रवाइयों को जरूरी माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि स्थायी शांति स्थापित करना है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सुरक्षा अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी तलाशी और गिरफ्तारी अभियान जारी रहेंगे। जिन इलाकों से हथियार बरामद किए गए हैं, वहां दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई विस्फोटक या हथियार शेष न रह जाए। मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ यह कार्रवाई सुरक्षाबलों की सतर्कता और सक्रियता को दर्शाती है। तीन उग्रवादियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।


