January 16, 2026

पटना में अवैध नशे का कारोबार करने वाले तीन अपराधी गिरफ्तार, स्मैक और मोबाइल समेत कैश बरामद

पटना। राजधानी पटना के ग्रामीण इलाकों में अवैध नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बिहटा थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अवैध नशे का कारोबार करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से भारी मात्रा में स्मैक, तीन मोबाइल फोन, दो डिजिटल तराजू और नकदी बरामद की गई है। पुलिस इस कार्रवाई को नशा कारोबारियों पर बड़ी चोट मान रही है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमर कुमार, मुकेश कुमार और मुन्ना कुमार के रूप में की गई है। इन तीनों को बिहटा थाना पुलिस ने मोदही गांव से गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से लगभग 50 हजार रुपये मूल्य की स्मैक की पुड़िया, तीन मोबाइल फोन, दो डिजिटल तराजू और 2510 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस संबंध में पटना पश्चिम के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बिहटा थाना पुलिस को बीती देर रात सूचना मिली थी कि मोदही गांव में कुछ लोग लंबे समय से अवैध तरीके से नशे की बिक्री कर रहे हैं। सूचना को गंभीर मानते हुए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और तत्काल छापेमारी की गई। एसपी के अनुसार पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से स्मैक की पुड़िया, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और अन्य सामग्री मिली। डिजिटल तराजू बरामद होने से पुलिस को आशंका है कि आरोपी स्मैक को तौलकर छोटे-छोटे पुड़िया के रूप में बेचते थे। पुलिस का कहना है कि फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्मैक कहां से लाई जाती थी, किस-किस इलाके में इसकी सप्लाई होती थी और इनके पीछे कौन बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पुलिस इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशा तस्करी के मामलों में अक्सर एक बड़े सप्लायर और छोटे वितरकों का जाल होता है। इस मामले में भी अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। मोबाइल फोन की जांच के आधार पर कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पटना के कई इलाकों में स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। खासकर युवा वर्ग इसका शिकार हो रहा है। ऐसे में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर छापेमारी तेज कर दी है। बिहटा की कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि नशा कारोबार की वजह से गांवों का माहौल खराब हो रहा था। लोगों ने उम्मीद जताई है कि पुलिस की सख्ती जारी रहेगी तो नशे के धंधे पर नियंत्रण संभव होगा। पटना जिले के पालीगंज थाना की पुलिस ने वर्ष 2007 में हुए एक युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अंकुरी गांव से बीती देर रात पकड़ा गया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी और उस पर लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इस गिरफ्तारी को पुराने लंबित मामलों के निपटारे की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ किसी भी कीमत पर नरमी नहीं बरती जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि पटना और आसपास के क्षेत्रों को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

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