पटना में हाई-टेंशन बिजली तार चोरी करने वाले गैंग के तीन अपराधी गिरफ्तार, आधुनिक औजार बरामद
पटना। राजधानी पटना में हाल के दिनों में हाई-टेंशन बिजली के तारों की चोरी की बढ़ती घटनाओं ने बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों को सतर्क कर दिया था। फतुहा थाना क्षेत्र में 11 केवीए और 33 केवीए की लाइनों के तारों की लगातार चोरी से कई ग्रामीण और शहरी इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। इससे न केवल लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, बल्कि विद्युत विभाग को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी समस्या से निपटने के लिए फतुहा पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया और तीन चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
लगातार हो रही घटनाओं से पुलिस और बिजली विभाग में हड़कंप
पिछले कुछ सप्ताह से फतुहा, दनियावां, खुसरुपुर और आस-पास के क्षेत्रों में बिजली तार चोरी की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ गई थीं। हाई-टेंशन के तार काटने के कारण रात में कई गावों में अंधेरा छा जाता था और सुबह तक मरम्मत का इंतजार करना पड़ता था। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या को लेकर पुलिस और बिजली विभाग से शिकायत की थी। जिसके बाद यह साफ हो गया था कि बिजली तार चोरी अब किसी सामान्य चोर की करतूत नहीं, बल्कि संगठित गिरोह की गतिविधि है। इसी संदर्भ में फतुहा थानाध्यक्ष सदानंद साह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसे लगातार गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया।
संदिग्धों की धरपकड़ और छापेमारी अभियान
पुलिस टीम ने रात में संभावित रूट और चोरी की घटनाओं वाले स्थलों की पहचान कर निगरानी बढ़ा दी। छापेमारी अभियान के दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि रसलपुर गांव के पास कुछ संदिग्ध लोग चोरी के सामान के साथ देखे गए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक बाइक पर सवार तीन व्यक्तियों को रोका। संदिग्ध व्यवहार के चलते जब तलाशी ली गई तो उनके पास 100 मीटर हाई-टेंशन बिजली तार और चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई आधुनिक उपकरण बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान दनियावां चौड़ा निवासी पंकज कुमार, खुसरुपुर निवासी राकेश कुमार और विशाल यादव के रूप में की गई है। पूछताछ में ये सभी पेशेवर चोर निकले, जो लंबे समय से बिजली तार चोरी कर उन्हें कबाड़ बाजार में बेचकर मोटा पैसा कमा रहे थे।
आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर देते थे चोरी को अंजाम
पुलिस ने जो सामान बरामद किया है, उससे यह स्पष्ट हो गया कि गिरोह काफी पेशेवर तरीके से काम कर रहा था। आरोपियों के पास से बैट्री चालित कटर मशीन, बड़ा लोहे का कटर, टूल किट, दो मोबाइल फोन और वारदात में उपयोग की गई एक बाइक मिली है। यह तकनीक इन्हें तारों को बिना ज्यादा समय लगाए काटने और मौके से तेजी से भाग निकलने में मदद करती थी। बताया जा रहा है कि ये चोर हाई-टेंशन बिजली आपूर्ति की कमी वाली रातों का फायदा उठाते थे। जब बिजली विभाग किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण बिजली बंद करता, उसी दौरान ये चोर तारों को काट लेते थे। इससे उन्हें करंट लगने का जोखिम भी कम रहता और चोरी का शक भी देर तक नहीं होता।
पूरे गिरोह का नेटवर्क पुलिस के रडार पर
फतुहा थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। पुलिस ने दावा किया है कि इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान भी कर ली गई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे हाई-टेंशन तारों को काटकर दूर-दराज के कबाड़ी बाजारों में बेचते थे, जहां प्रति किलो उन्हें अच्छा दाम मिल जाता था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह के तार चोरी करने की गतिविधि अन्य जिलों तक फैली हुई थी। क्योंकि पिछले महीनों में नालंदा, समस्तीपुर, भोजपुर और जहानाबाद में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन प्रभावित
बिजली तार चोरी की इन घटनाओं का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ा। कई बार रात में बिजली चली जाती थी और मरम्मत होने में कई घंटे लग जाते थे। स्कूल, अस्पताल, छोटे दुकानदार और किसानों को इस समस्या के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली विभाग ने बताया कि हर बार तार चोरी होने से हजारों रुपये का नुकसान होता है और कई किलोमीटर तक तार बदलना पड़ता है। इन गिरफ्तारियों के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अंधेरे में घर की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती थी और बच्चे तक डर जाते थे।
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थानाध्यक्ष सदानंद साह ने कहा कि आगे भी ऐसे संगठित अपराधों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रवैये का परिणाम मानी जा रही है। अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बिजली तार चोरी की घटनाओं में कमी आएगी और बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी।


