August 30, 2025

पटना सिटी में खूंखार बंदरों का आतंक, अबतक 100 से अधिक को किया जख्मी, दहशत में लोग

पटना। बिहार की राजधानी पटना के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पटना सिटी क्षेत्र में इनकी संख्या इतनी अधिक हो गई है कि लोग अपने ही घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। छतों से लेकर बालकनी तक लोहे की जाल लगाई जा रही है ताकि बंदरों के हमलों से बचा जा सके। अब तक इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जबकि 4 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बंदरों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि
कुछ साल पहले, गुरु गोविंद सिंहजी के 350वें प्रकाश पर्व के दौरान वन विभाग और जिला प्रशासन ने बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया था। लेकिन अब हालात पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हो गए हैं, क्योंकि बंदरों की संख्या पहले की तुलना में पांच गुना बढ़ चुकी है। इनकी बढ़ती संख्या ने कई मोहल्लों में दहशत का माहौल बना दिया है, जिससे लोग खुले में जाने से डरने लगे हैं।
बाजार और मोहल्लों में मुश्किलें बढ़ीं
बंदरों के डर से न केवल घरों में रहना मुश्किल हो गया है, बल्कि बाजारों में खरीदारी करना भी चुनौती बन गया है। पटना सिटी के विभिन्न इलाकों में सब्जी मंडी से फल और सब्जी लेकर घर लौटना किसी मुश्किल काम से कम नहीं है। बंदर पलक झपकते ही सामान झपटकर भाग जाते हैं, जिससे लोग असहाय महसूस करते हैं। कुछ समय पहले, मच्छरहट्टा मंडी में एक व्यापारी से बंदर रुपये का बंडल तक छीनकर भाग गया था। इसी तरह, बाललीला गुरुद्वारा और तख्त श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास आने वाले श्रद्धालु भी आए दिन इनका शिकार हो रहे हैं।
लोगों को लगानी पड़ रही सुरक्षा जाल
बंदरों के बढ़ते हमलों के कारण सिटी चौक के आसपास रहने वाले लोगों ने छत पर जाना छोड़ दिया है। खासतौर पर महिलाएं और बच्चे इससे ज्यादा प्रभावित हैं। ज्यादातर घरों की छतों पर लोहे की जाल लगाई जा रही है ताकि बंदरों को वहां पहुंचने से रोका जा सके। बड़े इमारतों में रहने वाले लोगों को और भी परेशानी हो रही है, क्योंकि बंदर लिफ्ट और बालकनी के पास पहुंचकर घरों में रखे सामानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
व्यापारियों और खोमचे वालों की समस्या
पटना सिटी में सड़क किनारे छोटे व्यापार करने वाले लोग भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं। कई बार बंदरों के छीना-झपटी में लोग घायल हो जाते हैं। खोमचे वाले और फल विक्रेताओं को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि बंदर उनके सामान पर झपट्टा मारकर भाग जाते हैं।
प्रशासन की ओर से समाधान की पहल
पटना नगर निगम के अजीमाबाद और सिटी अंचल के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में बंदरों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि स्थानीय लोग और यहां आने वाले श्रद्धालु दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। खासतौर पर अशोक राजपथ से गंगा तट के बीच के मोहल्लों में बंदरों का आतंक चरम पर है। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए पटना सिटी के एसडीओ ने वन विभाग को पत्र लिखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न मोहल्लों में उत्पात मचाने वाले बंदरों को पकड़कर जैविक उद्यान में छोड़ा जाएगा। प्रशासन की इस पहल से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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