नीलेश मुखिया की मौत के बाद इलाके में तनाव बढ़ा; सभी दुकानें बंद, कुर्जी से पाटलिपुत्र तक पुलिस ने बढ़ाई चौकसी
पटना। राजधानी पटना में बदमाशों की गोलियों से घायल हुए नीलेश मुखिया की दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद से पटना के कुर्जी इलाके में गुरुवार जमकर हंगामा हुआ। पाटिलपुत्र इलाके में तनाव का माहौल है। नीलेश मुखिया के कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी है। और भारी पुलिस बल भी तैनात है। पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है। डीएसपी कानून व्यवस्था और कई थानेदार फोर्स समेत मौके पर मौजूद है। आज भी पूरे इलाके की सभी दुकानें बंद है। एतिहातन पुलिस कोई ढील नहीं चाहती है। जिसके चलते भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। वही बस संचालकों का कहना है कि भीड़ के द्वारा बस को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, इस वजह से आज बच्चों को लाने के लिए बस को बाहर नहीं निकाला गया। विद्यालय प्रबंधक का कहना है कि इसी वजह से विद्यालय में छात्र छात्राओं की संख्या आज बहुत कम हो गई है।
बुधवार से ही दिखने लगा तह असर
निलेश मुखिया की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत की खबर सुनते ही उसका असर बुधवार को दिखने लगा था। निलेश मुखिया के सैकड़ों समर्थक सड़क पर उतर आये और मेडिकल दुकानों को छोड़कर सभी छोटी बड़ी दुकानों को जबरन बंद कराने लगे। हालांकि उसमें कई ऐसे भी दूकानदार थे जिन्होंने अपनी मर्जी से अपनी दूकान बंद कर दी। निलेश मुखिया की इलाज के दौरान मौत और उनके शव आने के इंतजार में महिलाएं घर से निकलकर सड़क पर आकर खड़ी हो गई। उन महिलाओं का कहना था कि शहर में अपराधी बेलगाम हैं और पुलिस सिर्फ लोगों को परेशान करती है, उनका अपराधियों पर कोई नकेल नहीं है।
31 जुलाई को पटना में बाइक सवार बदमाशों ने मारी थी 7 गोलियां
31 जुलाई को पाटिलपुत्र थाना इलाके के कुर्जा मोड़ पर दो बाइक सवार 4 बदमाशों ने नीलेश यादव उर्फ मुखिया को गोलिया से भून दिया था। नीलेश को 7 गोलियां लगी थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालत क्रिटिकल होने पर 7 अगस्त को एयर एंबुलेंस से पटना से दिल्ली रेफर किया गया था। एम्स में उनका इलाज चल रहा था। जहां 23 अगस्त की सुबह नीलेश की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।


