दिसंबर में फिर कार्यकर्ता संवाद यात्रा पर निकलेंगे तेजस्वी यादव, लोगों को करेंगे एकजुट, शेड्यूल जल्द
पटना। बिहार की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव-2025 को लेकर तेजस्वी यादव एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। उपचुनाव में चार सीटों पर मिली करारी हार के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों को पूरी तैयारी के साथ क्षेत्र में जुटने का निर्देश दिया है। शीतकालीन सत्र के बाद दिसंबर में तेजस्वी यादव अपनी अधूरी पड़ी कार्यकर्ता आभार यात्रा को फिर से शुरू करेंगे। इस यात्रा के जरिए वह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बूथ स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करेंगे। तेजस्वी यादव ने विधायकों और पार्टी नेताओं से कहा है कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर जनता से संपर्क करें और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएं। उनका यह प्रयास विधानसभा में राजद की स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में है। यात्रा के दौरान तेजस्वी न केवल जनता से मिलेंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं और नेताओं से फीडबैक भी लेंगे। इस बार उनकी योजना यात्रा को पूरा करने की है, क्योंकि इससे पहले उन पर यात्राओं को बीच में छोड़ने के आरोप लगते रहे हैं। पार्टी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक बैठक में उपचुनाव में हार की चर्चा नहीं हुई। हालांकि, यात्रा का विस्तृत शेड्यूल अभी जारी नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के माध्यम से तेजस्वी जनता में अपनी पकड़ को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शीतकालीन सत्र के बाद अपनी महिला संवाद यात्रा शुरू करेंगे। इस यात्रा के लिए राज्य सरकार ने 256 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। यह यात्रा महिला सशक्तिकरण को लेकर केंद्रित होगी। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। राजद ने भी आगामी 28 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर स्मार्ट मीटर और 65% आरक्षण से जुड़े सवालों को लेकर धरना देने की योजना बनाई है। तेजस्वी यादव 28 नवंबर को शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वे झारखंड में हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। रांची में होने वाले इस समारोह में विपक्ष के कई बड़े नेता, जैसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल होंगे। इस मौके पर विपक्षी नेताओं का एक मंच पर आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले तेजस्वी की आभार यात्रा को लेकर पार्टी ने गाइडलाइंस जारी की थीं, जिनमें सेल्फी लेने और मीडिया की एंट्री पर रोक लगाई गई थी। इस बार भी उनकी यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं से सीधा संवाद करने पर जोर दिया जाएगा। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। उनकी यह यात्रा आगामी चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी छवि को सुधारने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा और राजद के धरने जैसे कार्यक्रमों से भी बिहार की राजनीतिक सरगर्मी तेज होने की संभावना है।


