February 10, 2026

तेजप्रताप पर अपहरण और हत्या की साजिश का आरोप, संतोष रेनू यादव ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

पटना। राजधानी की राजनीति में एक बार फिर सनसनी फैलाने वाला मामला सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजप्रताप यादव और उनके समर्थकों पर अपहरण कर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह आरोप संतोष रेणु यादव ने लगाया है, जिन्होंने पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
थाने में दर्ज कराई गई शिकायत
संतोष रेणु यादव ने श्रीकृष्णापुरी थाना में दिए गए आवेदन में दावा किया है कि 4 फरवरी को उनके साथ साजिशन तरीके से गंभीर अपराध की योजना बनाई गई थी। थाना प्रभारी जितेंद्र राणा ने बताया कि शिकायतकर्ता का लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। इस आधार पर सनहा दर्ज कर ली गई है और मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस उन सभी स्थानों और व्यक्तियों से संपर्क कर रही है, जिनका जिक्र आवेदन में किया गया है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
क्या है आरोपों की पूरी कहानी
शिकायत के अनुसार, 4 फरवरी की शाम करीब सात बजे संतोष रेणु यादव को बोरिंग रोड स्थित पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह राठौर के कार्यालय में बुलाया गया। उन्हें बुलाने का बहाना उनकी पार्टी से जुड़े नेता अविनाश कुमार सोनू ने बनाया, जिसने अपनी बहन की शादी का निमंत्रण कार्ड देने की बात कही। संतोष का आरोप है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।
बंधक बनाने का आरोप
संतोष रेणु यादव का कहना है कि कार्यालय पहुंचने के बाद उन्हें डरा-धमकाकर हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या 42-ए ले जाया गया। वहां पहुंचते ही मुख्य गेट में ताला लगा दिया गया और उन्हें जबरन वहीं रोके रखा गया। संतोष का दावा है कि इस दौरान तेजप्रताप यादव के समर्थकों मोतीलाल राय, शंभू यादव, बैजनाथ यादव और कुछ अज्ञात लोग वहां मौजूद थे, जो उनके साथ अनहोनी की योजना बना रहे थे।
हत्या की साजिश का दावा
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन लोगों की मंशा उनका अपहरण कर हत्या कराने की थी। संतोष रेणु यादव का आरोप है कि अगर समय रहते भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच के नेता आशुतोष कुमार वहां नहीं पहुंचते, तो उनकी जान जा सकती थी। उनका कहना है कि आशुतोष कुमार के अचानक वहां आ जाने से पूरी योजना गड़बड़ा गई और उनकी जान बच सकी।
झांसा देने और फोटो खिंचवाने का आरोप
संतोष के मुताबिक, जब बात लीक होने का खतरा बढ़ा तो उन्हें झांसा देने की कोशिश की गई। आरोप है कि तेज प्रताप यादव ने उनसे कहा कि वे उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाना चाहते हैं और दोबारा पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। संतोष का दावा है कि इस दौरान जबरदस्ती उन्हें पार्टी की टोपी पहनाई गई और मुस्कुराने के लिए मजबूर कर फोटो खींच लिया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि सब कुछ सामान्य है।
पुराना विवाद भी आया सामने
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों के बीच चला आ रहा पुराना विवाद भी सामने आया है। संतोष रेणु यादव पहले तेजप्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल के प्रवक्ता रह चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी, जिसके बाद से दोनों के बीच तनाव बना हुआ है। आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले तेजप्रताप यादव की ओर से भी संतोष रेणु यादव के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके जवाब में संतोष रेणु यादव ने भी बेऊर थाना में तेजप्रताप यादव के खिलाफ आवेदन दिया था। यानी दोनों के बीच विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला प्रारंभिक जांच के स्तर पर है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की भी जांच होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
इस मामले के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। विपक्षी दल जहां इस आरोप को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं सत्ताधारी खेमे में भी इसे आपसी विवाद का परिणाम बताया जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि जांच के नतीजों से ही यह साफ हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं और इसके पीछे की असल सच्चाई क्या है।

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