सुपौल में सीटीईटी परीक्षा में फेल होने पर शिक्षक ने उठाया खौफनाक कदम, फांसी लगाकर की आत्महत्या
सुपौल। बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के नगर परिषद वार्ड नंबर 18 में सीटीईटी परीक्षा में असफल होने से परेशान एक 30 साल की प्राइवेट टीचर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान कर्णपट्टी वार्ड नंबर 13 निवासी बैद्यनाथ यादव के बेटे मुकेश कुमार के रूप में हुई है। मुकेश पिछले दो साल से सुपौल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और होम ट्यूशन पढ़ाने का काम करते थे। घटना के समय मुकेश का कमरा अंदर से बंद था। जब पास के कमरे में रहने वाले रिश्तेदार और साथी राकेश कुमार ने उसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की और कोई उत्तर नहीं मिला, तो उन्होंने अन्य छात्रों को बुलाकर दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खुलने पर खिड़की से झांककर देखा तो मुकेश फांसी के फंदे से लटका हुआ था। दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। राकेश कुमार ने बताया कि हाल ही में सीटीईटी परीक्षा का परिणाम जारी हुआ था, इसमें असफल होने के बाद से ही मुकेश तनाव में था। वह लगातार अपने कमरे में बंद था। इस घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। मुकेश दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना न केवल उसके परिवार बल्कि इलाके के लोगों को भी झकझोर कर रख गई है। परीक्षा में असफलता के कारण छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इधर, त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि गुरुवार देर शाम साढ़े 8 बजे घटना की सूचना मिली थी, घटनास्थल से शव को कब्जे में लिया गया है। परिजनों ने दिए आवेदन में आत्महत्या की बात कही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है।


