बिहार में फिर से बढ़ी शिक्षक बहाली में आवेदन की तारीख, अभ्यर्थी अब 19 तक भरे फॉर्म
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। आयोग ने विज्ञापन संख्या 26/2023 के लिए 12 जुलाई को अंतिम तिथि निर्धारित की थी जिसे बढ़ाकर 15 जुलाई किया गया था। अब 15 जुलाई को विस्तारित करते हुए 19 जुलाई तक आवेदन की तारीख की गई है। प्राथमिक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के ऑनलाइन निबंधन की संख्या एवं अंतिम रूप से आवेदन भरने की संख्या में अधिक अंतर होने के आधार पर यह तारीख विस्तारित की गई है। मतलब जितने लोगों ने निबंधन कराया उस हिसाब से अंतिम रूप से आवेदन नहीं हुआ। और मैं गड़बड़ी के कारण बीपीएससी के इस आवेदन प्रक्रिया में लगातार परेशानी आ रही है। आयोग ने यह भी व्यवस्था दी है कि 19 जुलाई तक जो अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे, वह 20 से 22 जुलाई के बीच में निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त विलंब शुल्क जमा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद सुधार करने का लिंक भुगतान करने के पहले तक ही उपलब्ध होगा। सुधार करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई तक उपलब्ध रहेगी। इससे पहले अभ्यर्थियों को छूट देते हुए बड़ा बदलाव किया था। इसमें महिला, एससी-एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए एसटीईटी के अंक में छूट की सीमा बढ़ा दी गई थी।शिक्षा विभाग में एसटीईटीअंकों के छूट के संबंध में आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बिहार में शिक्षक भर्ती की आवेदन प्रक्रिया में सामान्य वर्ग की महिला, दिव्यांग एवं एससी/एसटी अभ्यर्थियों को सीटेट के अंकों में वही छूट मिलेगी जो सीटीईटी अभ्यर्थियों को मिली थी। एसटीईटी में सामान्य वर्ग की महिला के लिए न्यूनतम 82 अंक (55%) कर दिया गया। पहले न्यूनतम अंक 90 यानी (60%) रखा गया था। एससी-एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए एसटीईटी 75 अंक (50%) अंक लाना अनिवार्य है। जबकि पहले न्यूनतम अंक 82 निर्धारित था। इससे तहत राज्य के एक लाख से हजार से अधिक अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।
1,70, 461 पदों पर वैकेंसी निकाली, आवेदन करें
बिहार लोक सेवा आयोग ने 1,70, 461 पदों पर वैकेंसी निकाली है। इसमें टीचर पद के लिए योग्य अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विज्ञापन डाउनलोड कर सकते हैं।


