February 13, 2026

तमिलनाडु सरकार ने भी अपनाया नीतीश कुमार का फार्मूला, चुनाव से पहले महिलाओं के खाते में भेजी गई राशि

चेन्नई। चुनावी राज्यों में महिलाओं को सीधे नकद सहायता देने की परंपरा अब और मजबूत होती दिख रही है। बिहार के बाद अब तमिलनाडु में भी चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घोषणा की है कि राज्य की ‘कलाइग्नार महिला अधिकार योजना’ के तहत 1.31 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में अग्रिम रूप से 5,000 रुपये जमा कर दिए गए हैं।
चुनाव से पहले अग्रिम भुगतान
मुख्यमंत्री ने एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश जारी कर बताया कि फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने के लिए 1,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से 3,000 रुपये अग्रिम दिए गए हैं। इसके साथ ही 2,000 रुपये की विशेष ग्रीष्मकालीन सहायता भी जोड़ी गई है। इस तरह कुल 5,000 रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए हैं। स्टालिन ने कहा कि यह कदम महिलाओं को आर्थिक सहारा देने और महंगाई के दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह महज चुनावी वादा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ का संकेत
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि यदि उनकी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम दोबारा सत्ता में आती है तो मौजूदा 1,000 रुपये की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ की दिशा में अगला कदम बताया। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले छह महीनों में प्रस्तावित हैं। 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में अग्रिम राशि भेजना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार मॉडल की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम बिहार में अपनाए गए मॉडल की याद दिलाता है। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजने की योजना शुरू की थी। माना जाता है कि इस पहल का चुनावी परिणामों पर सकारात्मक असर पड़ा। अब तमिलनाडु में भी इसी तरह का प्रयोग देखने को मिल रहा है, जहां महिलाओं को सीधे बैंक खातों में राशि भेजकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की कोशिश की जा रही है।
योजना का विस्तार
स्टालिन ने बताया कि ‘कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना सितंबर 2023 में शुरू की गई थी। शुरुआत में 1.13 करोड़ महिलाओं को 1,000 रुपये मासिक सहायता दी गई थी। बाद में इस योजना का विस्तार कर 1.31 करोड़ महिलाओं को शामिल किया गया। यह योजना 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले डीएमके के घोषणापत्र का प्रमुख वादा थी। इसे 15 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई की जयंती पर शुरू किया गया था। सरकार का कहना है कि यह राशि महिलाओं के घरेलू और सामाजिक योगदान की मान्यता है।
पिछले चुनाव के आंकड़े
2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि एनडीए की सदस्य एआईएडीएमके को 66 सीटें मिली थीं। अब एक बार फिर चुनावी मैदान सजने वाला है और महिला मतदाता निर्णायक भूमिका में मानी जा रही हैं। स्टालिन ने विश्वास जताया है कि महिलाओं का समर्थन उनकी पार्टी को दोबारा सत्ता में लाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के अधिकार और सम्मान के लिए लगातार काम करती रहेगी।
चुनावी राजनीति और सामाजिक संदेश
महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद सहायता देने की नीति को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि इससे महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिलती है और वे आत्मनिर्भर बनती हैं। वहीं आलोचक इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मानते हैं। फिलहाल इतना तय है कि तमिलनाडु में 1.31 करोड़ महिलाओं के खातों में 5,000 रुपये जमा होने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आने वाले महीनों में यह योजना और चुनावी वादे राज्य की राजनीति का अहम मुद्दा बने रहेंगे।

You may have missed