पटना में सड़क किनारे वाहन खड़ी करने पर होगी कार्रवाई, गाड़ी को जब्त करेगा प्रशासन, लगेगा जुर्माना
पटना। शहर में अव्यवस्थित पार्किंग और उससे पैदा हो रहे जाम व हादसों की समस्या को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। राजधानी की सड़कों पर जहां-तहां वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ दिन ही नहीं, बल्कि रात में भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सड़क किनारे गलत तरीके से खड़े वाहनों को जब्त किया जाएगा, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सड़कों पर अवैध पार्किंग पर सख्ती
बिहार की राजधानी पटना में लंबे समय से सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बनी हुई है। अब इसे खत्म करने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त अभियान चलाने का फैसला लिया है। तय किया गया है कि नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को बिना किसी चेतावनी के टो कर थाने लाया जाएगा। वाहन छुड़ाने के लिए मालिक को न सिर्फ जुर्माना देना होगा, बल्कि टोइंग का खर्च भी चुकाना पड़ेगा।
पांच मिनट से ज्यादा खड़ा रहा वाहन तो कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि दिन के समय नो-पार्किंग जोन में यदि कोई वाहन पांच मिनट से अधिक समय तक खड़ा पाया गया, तो उस पर कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई के दायरे में केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक भी आएगा। बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने और केस दर्ज करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
रात में भी चलेगा विशेष अभियान
अब तक ज्यादातर कार्रवाई दिन के समय होती थी, लेकिन अब रात में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। रात के समय सड़क किनारे खड़े वाहन कई बार बड़े हादसों का कारण बनते हैं। तेज रफ्तार से आने वाली गाड़ियां अचानक खड़े वाहनों से टकरा जाती हैं, जिससे जानमाल का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रात में सार्वजनिक जगहों और मुख्य सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को जब्त करने का फैसला लिया गया है।
प्रमंडलीय आयुक्त के सख्त निर्देश
पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने राजधानी को जाम और अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए और वहां नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। आयुक्त का कहना है कि सड़कों पर अनुशासन कायम करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इन मार्गों पर पूरी तरह नो-पार्किंग
प्रशासन ने शहर के कई व्यस्त मार्गों पर नो-पार्किंग नियम सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। अशोक राजपथ, नेहरू पथ, बोरिंग रोड, बैरिया, गांधी मैदान क्षेत्र, आयकर गोलंबर से डाकबंगला चौराहा और बुद्ध मार्ग से जीपीओ गोलंबर तक अब सड़क किनारे तीन और चार पहिया वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इन इलाकों में खड़े वाहन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
तकनीक से होगी निगरानी
अवैध पार्किंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पूरे शहर की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से नो-पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और अतिक्रमण करने वालों पर मौके पर ही चालान काटा जाएगा। इससे बिना मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी के भी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
गोलंबर और सार्वजनिक जगहों से हटेगा अतिक्रमण
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि गोलंबर से 20 मीटर के दायरे में लगे ठेले और अस्थायी दुकानों को हटाया जाएगा। इन जगहों पर अतिक्रमण के कारण न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। अभियान के दौरान ऐसे सभी अतिक्रमण हटाने की तैयारी है।
पार्किंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। इस्कॉन मंदिर और बुद्ध मार्ग जाने वाले चारपहिया वाहन तारामंडल के सामने बनी 96 स्लॉट वाली स्मार्ट मल्टी-लेवल पार्किंग का उपयोग कर सकते हैं। वहीं मौर्यलोक आने वाले लोग परिसर के अंदर मौजूद मल्टी-लेवल पार्किंग में अपने वाहन खड़े करें, ताकि सड़कों पर अनावश्यक भीड़ न बढ़े।
प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन का साफ कहना है कि राजधानी को जाम, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त करना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। नियमों का पालन कराने के लिए किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि सख्ती के बाद लोग नियमों का पालन करेंगे और पटना की सड़कों पर यातायात व्यवस्था पहले से बेहतर होगी।


