ज्यादा ताकतवर हो गए हैं विधायक अनंत सिंह,मोकामा में विवेका पहलवान के साथ सुलह के चर्चे

पटना।अत्याधुनिक एके-47 रखने तथा अपने विरोधी के हत्या की साजिश के आरोप में बेऊर जेल में बंद मोकामा के विधायक अनंत सिंह पहले से ज्यादा ताकतवर हो गए हैं।मोकामा में इस बात के चर्चे जोरों पर है की विधायक अनंत सिंह तथा उनके सबसे पुराने तथा नजदीकी दुश्मन विवेका पहलवान गुट के बीच सुलह हो गया है।हालांकि चर्चा में सत्यता कितनी है।इसकी आधिकारिक पुष्टि दोनों पक्षों के द्वारा सार्वजनिक तौर पर नहीं की जा रही है।मगर मोकामा से लेकर राजधानी पटना के राजनीतिक गलियारों में अनंत सिंह तथा विवेका पहलवान के बीच सुलह के चर्चे आम हो गये हैं।उल्लेखनीय है की विधायक अनंत सिंह पटना के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विगत फरवरी 2005 से अब तक विधायक हैं।लगातार तीन विधायक जदयू के टिकट पर जीतने के बाद 2015 में अनंत सिंह निर्दलीय मोकामा का दंगल जीत गए थे।पिछले लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह की पत्नी नीलम सिंह कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मुंगेर लोकसभा से चुनाव लड़ी थी।मगर जदयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से हार गई थी।नीलम सिंह महागठबंधन की उम्मीदवार थी।ज्ञातव्य हो कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अवैध एके-47 हथियार रखने तथा अपने दुश्मन भोला सिंह तथा उसके भाई मुकेश सिंह की हत्या की साजिश रचने के मामले में पिछले साल 23 अगस्त को दिल्ली के साकेत कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।अनंत सिंह के यहां पुलिस ने छापेमारी में उस दौरान एक एके-47 राइफल तथा ग्रेनेड बरामद किया था।उस समय बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह अनंत सिंह प्रकरण को लेकर बहुत चर्चा में आई थी।तब से अभी तक अनंत सिंह पटना के बेउर जेल में बंद हैं।इधर मोकामा में इस बात के चर्चे चल रहे हैं कि जेल में रहने के दौरान ही अनंत सिंह तथा उनके पुराने दुश्मन माने जाने वाले उनके पट्टीदार विवेका पहलवान गुट के बीच समझौता हो गया है।गौरतलब है कि अनंत सिंह तथा विवेका पहलवान आपस में रिश्तेदार हैं तथा विगत तीन दशक से उन दोनों के बीच खूनी दुश्मनी चल रही है।जिसके चलते दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।सुलह के चर्चे अगर सही साबित हुए तो मोकामा, खासकर बाढ़ में शांति की बहाली की उम्मीद की जा सकती है।चर्चा तो यहां तक हो रहा है की मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपने दबदबे वाले क्षेत्रों के ठेकों में भी सामने वाले पक्ष को कुछ हिस्सा दे रहे हैं।जानकारों का कहना है कि जेल में रहते हुए अनंत सिंह आसन्न मोकामा विधानसभा चुनाव की तैयारी में लग गए है।अनंत सिंह यह बेहतर समझते हैं कि बिना किसी पार्टी के टिकट का बार-बार जीतना थोड़ा कठिन होता है।राजद के वर्तमान स्टैंड को देखते हुए महागठबंधन की ओर से उन्हें बहुत ज्यादा मदद का उम्मीद भी नहीं रह गया है।ऐसे में अनंत सिंह अपनी राजनीतिक लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए पुराने कील कांटे दुरुस्त करने में लग गए हैं।

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