January 16, 2026

आरजेडी सांसद सुरेंद्र यादव का वीडियो वायरल: गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप; जदयू-भाजपा का तीखा हमला

जहानाबाद। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बार विवाद का केंद्र जहानाबाद से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव हैं, जिनका एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सांसद पर गाली-गलौज करने और जाति विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वीडियो सामने आते ही राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है और विपक्षी दलों ने इसे लेकर राजद पर तीखा हमला शुरू कर दिया है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो कथित तौर पर उस समय का बताया जा रहा है, जब सांसद से विधानसभा चुनाव में राजद की हार और क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछे जा रहे थे। बताया जा रहा है कि सांसद उस वक्त जहानाबाद में मौजूद थे। स्थानीय लोगों और कुछ समर्थकों ने उनसे यह जानने की कोशिश की कि चुनाव में अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं आए और क्षेत्र को लेकर उनकी आगे की योजना क्या है। इसी बातचीत के दौरान सांसद का गुस्सा अचानक भड़क गया और उन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
चुनावी हार और नाराजगी का संदर्भ
वीडियो में सांसद यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि उन्हें केवल 15 हजार वोट ही मिले, ऐसे में वे क्या कर सकते हैं। इसी बात को लेकर उन्होंने कुछ लोगों और समूहों पर नाराजगी जाहिर की। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने गाली-गलौज की और जातिसूचक टिप्पणी भी की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर वीडियो में दिख रही बातें सही हैं, तो यह चुनावी हार के बाद उपजी हताशा और असंतोष को दर्शाता है।
जनप्रतिनिधि के आचरण पर सवाल
एक सांसद से यह अपेक्षा की जाती है कि वह संयम और मर्यादा के साथ जनता से संवाद करे। वायरल वीडियो ने इसी मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। आलोचकों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का इस तरह सार्वजनिक रूप से गुस्सा जाहिर करना न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि इससे समाज में गलत संदेश भी जाता है। खासकर जब आरोप जाति और समुदाय से जुड़े अपशब्दों के हों, तो मामला और संवेदनशील हो जाता है।
जदयू का तीखा हमला
वीडियो सामने आने के बाद जनता दल यूनाइटेड ने राजद पर जोरदार हमला बोला। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि शायद ठंड के कारण सांसद का दिमाग सिकुड़ गया है। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो राजद के भीतर बढ़ती बेचैनी और हताशा को दिखाता है। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव जिस तथाकथित एमवाई समीकरण की बात करते हैं, वह अब पूरी तरह बिखर चुका है और सांसद की नाराजगी इसी का संकेत है।
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
इधर भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह ने सांसद के कथित व्यवहार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह वीडियो राजद की असली पहचान को उजागर करता है। उनके अनुसार, राजद नेता जिस समाज से वोट लेते हैं, उसी समाज को गाली देते हैं। भाजपा ने राजद को समाजवादी के नाम पर परिवारवादी बताते हुए आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति में यह दल साजिशन फ्रॉड करता रहा है।
राजद की चुप्पी और बढ़ता दबाव
इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रीय जनता दल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न तो पार्टी नेतृत्व ने वीडियो की पुष्टि या खंडन किया है और न ही सांसद सुरेंद्र यादव की ओर से कोई सफाई आई है। इस चुप्पी के कारण राजद पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि यदि वीडियो वास्तविक है तो पार्टी को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर तीखी बहस
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग सांसद के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं और इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स यह भी कह रहे हैं कि वीडियो की पूरी सत्यता, समय और संदर्भ की पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। कई लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या वीडियो को एडिट या संदर्भ से अलग करके पेश किया गया है।
लोकतंत्र और भाषा की मर्यादा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार-जीत के बाद नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया नई बात नहीं है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। खासकर जाति और समुदाय को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल समाज में विभाजन को बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दोनों की जरूरत होती है।
आगे की राजनीति पर असर
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब बिहार की राजनीति पहले से ही काफी गर्म है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर राजद को घेरने में जुट गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राजद नेतृत्व इस वायरल वीडियो पर क्या रुख अपनाता है और क्या सांसद सुरेंद्र यादव की ओर से कोई सार्वजनिक बयान या सफाई सामने आती है। यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और कितनी हलचल पैदा करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

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