January 23, 2026

गांधी सेतु पर सुसाइड करने पहुंची छात्रा, राहगीरों ने बचाया, समझाने में पुलिस को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत

पटना। राजधानी पटना के गांधी सेतु पर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्कूली छात्रा आत्महत्या करने के इरादे से पुल पर पहुंच गई। छात्रा पुल की रेलिंग के पास अकेले टहलती नजर आई, जिससे वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों और राहगीरों को शक हुआ कि कुछ असामान्य है। शुरुआत में लोग दूर से उसे देखते रहे, लेकिन कुछ देर बाद जब छात्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो राहगीरों ने उसके पास जाकर पूछताछ की। इसी दौरान छात्रा ने अचानक पुल से कूदने की कोशिश कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा स्कूल की वर्दी पहने हुई थी और उसके कंधे पर स्कूल बैग भी था। उसके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था। लोगों ने जब उससे पूछा कि वह अकेले पुल पर क्यों घूम रही है, तो वह असहज हो गई और रेलिंग के पास जाकर कूदने का प्रयास करने लगी। छात्रा की इस हरकत को देखकर राहगीरों ने तुरंत उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोगों ने छात्रा के हाथ पकड़ लिए ताकि वह छलांग न लगा सके। कुछ ही मिनटों में पुल पर भीड़ बढ़ गई और हर कोई छात्रा को बचाने की कोशिश में जुट गया। इसी बीच संयोग से वहां से आपातकालीन सेवा डायल-112 की पुलिस टीम गुजर रही थी। पुल पर लोगों की भीड़ देख पुलिसकर्मी रुके और स्थिति को समझते हुए तुरंत मौके पर हस्तक्षेप किया। पुलिस ने छात्रा को कूदने से रोका और उसे सुरक्षित अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। पुलिसकर्मियों के आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली, क्योंकि छात्रा की मानसिक स्थिति बेहद अस्थिर नजर आ रही थी और किसी भी क्षण कोई बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद छात्रा को समझाने की कोशिशें लगातार चलती रहीं। बताया गया कि छात्रा बार-बार लोगों से कह रही थी कि उसे छोड़ दिया जाए और वह कहीं नहीं जाना चाहती। वह काफी परेशान और भावनात्मक रूप से टूटती हुई नजर आई। छात्रा रेलिंग से हटने को तैयार नहीं थी, जिसके कारण मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः 3 से 4 महिलाओं ने साहस दिखाते हुए छात्रा को पकड़कर रेलिंग से दूर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे वाहन में बैठाया और थाने ले गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोगों ने संयम बरतते हुए छात्रा को किसी भी तरह की चोट लगने से बचाया। पुलिस के अनुसार, छात्रा से पूछताछ के दौरान जब उससे उसकी परेशानी और माता-पिता के बारे में पूछा गया तो उसने भावुक होते हुए कहा कि “मां-पिता होंगे तब न समस्या बताऊंगी, वो मेरे लिए हैं ही नहीं।” उसके इस बयान से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह अपने परिवार से नाराज है या घर से जुड़ी किसी गंभीर परेशानी से गुजर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक छात्रा की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और न ही उसकी उम्र या स्कूल का नाम स्पष्ट किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला नाबालिग से जुड़ा हुआ है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा कारणों से गोपनीयता बरती जा रही है। फिलहाल छात्रा को थाने में सुरक्षित बैठाया गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्रा की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे शांत कराने और सही दिशा में समझाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पुलिस छात्रा के माता-पिता और घर का पता लगाने में भी जुटी है, ताकि परिवार को सूचना देकर छात्रा को सुरक्षित उनके हवाले किया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्रा किस कारण से आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर हुई। स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद चिंता जताई है कि बच्चों और किशोरों में मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव के कारण ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्कूलों और परिवारों को बच्चों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके। गांधी सेतु पर हुई यह घटना न केवल गंभीर चेतावनी है, बल्कि यह भी बताती है कि समाज में जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप कितना जरूरी है। राहगीरों और पुलिस की तत्परता के कारण एक छात्रा की जान बच सकी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और छात्रा को पूरी तरह सुरक्षित रखने की प्राथमिकता दी जा रही है।

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