February 16, 2026

बेगूसराय में एसटीएफ के ऑपरेशन में एनकाउंटर, कुख्यात अपराधी को लगी गोली, हथियार और कैश बरामद

बेगूसराय/पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में शुक्रवार की रात बेगूसराय जिले में एसटीएफ और जिला पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान एक मुठभेड़ हुई, जिसमें एक कुख्यात अपराधी घायल हो गया। यह घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के शालिग्राम और मल्हीपुर गांव के आसपास की है। घायल बदमाश की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के बनहारा निवासी राजकिशोर राय के पुत्र शिवदत्त राय के रूप में हुई है।
इनपुट मिलते ही एसटीएफ की कार्रवाई शुरू
पुलिस को सूचना मिली थी कि सरपंच के बेटे की हत्या के मामले में वांछित शिवदत्त राय मल्हीपुर गांव के आस-पास हथियार खरीदने आया है। इस इनपुट की पुष्टि होने पर एसटीएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय थाना पुलिस को भी सूचित कर संयुक्त रूप से घेराबंदी की गई। जैसे ही पुलिस टीम मौके के करीब पहुंची, दो बाइक पर सवार छह बदमाशों ने पुलिस को देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसके दौरान एक गोली शिवदत्त की जांघ में लग गई और वह गिर पड़ा। बाकी अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल शिवदत्त को तुरंत बेगूसराय के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है।
बदमाश की निशानदेही पर हथियारों का जखीरा बरामद
घायल बदमाश को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ और पुलिस ने उससे पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर एक घर से भारी मात्रा में हथियार, नकदी और कफ सिरप की अवैध खेप बरामद की गई। पुलिस ने यह भी बताया कि बदमाश जिस गिरोह से जुड़ा है, उसकी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इस मुठभेड़ में बदमाशों की ओर से 6 से 7 राउंड गोलियां चलाई गईं, जबकि पुलिस ने तीन राउंड फायर कर जवाब दिया। पुलिस के अनुसार यह ऑपरेशन लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए बेहद आवश्यक था।
सरपंच के बेटे की हत्या का मुख्य आरोपी रहा है शिवदत्त राय
शिवदत्त राय का नाम पहली बार सुर्खियों में सितंबर 2022 में आया था, जब तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल पंचायत के सरपंच मीना देवी के घर पर रात के समय अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले में सरपंच के छोटे बेटे अवनीश की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बड़ा बेटा रजनीश गंभीर रूप से घायल हुआ था। अपराधियों ने घर में घुसकर लूटपाट का विरोध करने पर गोलीबारी की थी। इस मामले में शिवदत्त राय के साथ उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लगभग एक साल पहले उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था और बाद में बेगूसराय जेल भेजा गया। करीब दो महीने पहले वह जमानत पर बाहर आया था। पुलिस की मानें तो बेल पर बाहर आने के बाद उसने फिर से हथियारों की सक्रिय खरीद-फरोख्त शुरू कर दी थी।
नई सरकार के बाद पुलिस एक्शन मोड में
बिहार में सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद पुलिस विभाग को संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश मिले हैं। डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों की पुलिस को नया नजरिया अपनाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध केवल बड़े गिरोहों या बड़ी आपराधिक वारदातों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई ऐसी छोटी-छोटी घटनाएं भी संगठित आपराधिक गतिविधियों की श्रेणी में आती हैं जिन्हें अब तक पुलिस हल्के में लेती रही थी। इसी नीति के तहत पूरे राज्य में छापेमारी, ऑपरेशन और निगरानी तेज कर दी गई है। बेगूसराय की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
इस मुठभेड़ के बाद इलाके में पुलिस गश्ती बढ़ा दी गई है। कई संभावित ठिकानों की जांच हो रही है और फरार बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्थानीय लोगों में भी इस कार्रवाई के बाद राहत देखी जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से अपराधियों की गतिविधियों से प्रभावित रहा है। यह मुठभेड़ पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और माना जा रहा है कि इससे इलाके में सक्रिय अन्य संगठित गिरोहों पर भी प्रभाव पड़ेगा।

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