पटना में एसटीईटी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: संशोधित रिजल्ट जारी करने की मांग, बीएसईबी ऑफिस के बाहर किया हंगामा
पटना। पटना में सोमवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कार्यालय के बाहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब एसटीईटी 2025 परीक्षा में असफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए धरने पर बैठ गए और बोर्ड पर गलत उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम जारी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए इलाके में आवाजाही भी प्रभावित रही, हालांकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।
प्रदर्शन की वजह और छात्रों की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी 2025 में कई प्रश्नों के उत्तर गलत दिए गए थे। परीक्षा के बाद जब उत्तर कुंजी जारी की गई, तब छात्रों ने समय रहते आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं। इसके बावजूद बोर्ड ने उन आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किए बिना अंतिम परिणाम जारी कर दिया। छात्रों का आरोप है कि इसी वजह से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी असफल घोषित कर दिए गए। छात्रों की मुख्य मांग है कि गलत उत्तर कुंजी के आधार पर जारी किए गए परिणाम को संशोधित किया जाए और सही उत्तरों के अनुसार दोबारा मूल्यांकन कर नया रिजल्ट जारी किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल अंकों का मामला नहीं, बल्कि उनके पूरे करियर से जुड़ा हुआ सवाल है।
बीएसईबी कार्यालय के बाहर धरना
प्रदर्शनकारियों ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यालय के बाहर धरना दिया। नारेबाजी करते हुए छात्रों ने बोर्ड पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि बोर्ड की गलती की सजा छात्रों को नहीं मिलनी चाहिए। छात्रों का कहना था कि जब आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया रखी गई थी, तो उस पर निष्पक्ष निर्णय भी होना चाहिए था। धरने में शामिल कई अभ्यर्थियों का कहना था कि वे वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं और एक गलत मूल्यांकन ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया है। इसी आक्रोश के चलते बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर सड़क पर उतरे।
पुलिस की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने बज्र वाहन भी मौके पर मंगवाया, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या उग्र स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ की सूचना नहीं मिली। छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते रहे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते रहे।
शिक्षक बहाली से जुड़ा भविष्य का सवाल
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार सरकार द्वारा शिक्षक बहाली चरण-4 के तहत 26 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। एसटीईटी में असफल घोषित किए जाने के कारण वे इस बहाली प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। छात्रों के मुताबिक यदि समय रहते संशोधित परिणाम जारी नहीं हुआ, तो हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो जाएगा। अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि सही उत्तरों के आधार पर मूल्यांकन किया जाए, तो वे पात्रता परीक्षा पास कर सकते हैं और शिक्षक बहाली में आवेदन देने का अवसर मिल सकता है। इसी वजह से वे बोर्ड से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की प्रतिक्रिया
धरनास्थल पर मौजूद एसटीईटी अभ्यर्थी ऋषभ कुमार ने कहा कि उन्होंने उत्तर कुंजी पर आपत्ति समय पर दर्ज कराई थी, लेकिन बोर्ड ने उसे अनदेखा कर दिया। उनके अनुसार बोर्ड की गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी शिवम कुमार ने कहा कि यदि संशोधित रिजल्ट जारी नहीं किया गया, तो हजारों छात्रों का करियर खतरे में पड़ जाएगा और वर्षों की मेहनत बेकार हो जाएगी। इन बयानों से साफ झलकता है कि छात्र केवल परिणाम से नहीं, बल्कि प्रक्रिया की पारदर्शिता से भी असंतुष्ट हैं।
एसटीईटी 2025 का परिणाम और आंकड़े
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 5 जनवरी को एसटीईटी 2025 का परिणाम जारी किया था। पेपर-1 और पेपर-2 को मिलाकर कुल 4.42 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 2.56 लाख अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। कुल पास प्रतिशत 57 रहा, जो पिछली बार के मुकाबले काफी कम है। पेपर-1, जो कक्षा 9 और 10 के लिए आयोजित हुआ था, उसमें 2.46 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 1.54 लाख अभ्यर्थी पास हुए, यानी पास प्रतिशत 62 रहा। वहीं पेपर-2, जो कक्षा 11 और 12 के लिए था, उसमें 1.95 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 1.02 लाख सफल हुए। इस पेपर का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा।
पिछले वर्षों से तुलना
बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार, दोनों पेपर मिलाकर इस बार कुल 57 प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए हैं। पिछली बार यह आंकड़ा 70.25 प्रतिशत था। यानी इस बार लगभग 13 प्रतिशत कम रिजल्ट आया है। इसी गिरावट को लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं और मान रहे हैं कि गलत उत्तर कुंजी इसका बड़ा कारण हो सकती है।
बोर्ड की चुप्पी और आगे की राह
फिलहाल बोर्ड की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। पटना में शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राज्य स्तर पर एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरता दिख रहा है। एसटीईटी 2025 के परिणाम को लेकर उठे सवाल सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। अब सबकी नजर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पर टिकी है कि वह छात्रों की आपत्तियों पर क्या रुख अपनाती है और क्या संशोधित परिणाम जारी कर इस विवाद को शांत कर पाती है या नहीं।


