February 16, 2026

भाजपा नेताओं ने भी माना मणिपुर हिंसा में है राज्य सरकार का हाथ : जदयू

  • जदयू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन बोले- राजनीति चमकाने के लिए मासूमों की बलि चढ़ाने से देश कैसे विश्वगुरु बनेगा

पटना। मणिपुर में जारी हिंसा को भाजपा की साजिश बताते हुए जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता राजीव रंजन ने आज कहा है कि हमने पहले भी कहा था कि मणिपुर में जारी हिंसा भाजपा की उन्मादी राजनीति का नतीजा है। पार्टी के इसी रवैए से आजिज हो कर मणिपुर भाजपा के कई नेता भी इसे स्वीकारने की हिम्मत दिखाने लगे हैं। मणिपुर के भाजपा विधायक पाओलीनलाल हाओकिप ने यह साफ़ कहा है कि मणिपुर हिंसा में राज्य सरकार शामिल है और सरकार की मिलीभगत के कारण ही जानबुझकर हिंसा को नहीं रोका जा रहा है। भाजपा नेता ने मणिपुर के मुख्यमंत्री पर मणिपुर में हिंसा फ़ैलाने वाले मैतेई लीपुन और अरामबाई तेंगगोल जैसे कट्टरपंथी समूहों को अपना संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं। उनके अतिरिक्त भाजपा के 7 अन्य विधायकों ने भी ऐसे ही आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें साफ़ कहा गया है कि जनता का भरोसा सरकार से पूरी तरह से उठ चुका है। वही भाजपा से सवाल पूछते हुए राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि भाजपा विधायकों की इस स्वीकारोक्ति के बाद उनकी पार्टी को यह बताना चाहिए कि आखिर वह मणिपुर सरकार का बचाव क्यों कर रही है। उन्हें बताना चाहिए कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए मासूमों की बलि चढ़ाने से देश कैसे विश्वगुरु बनेगा। वह बताएं कि आखिर यह कैसा राष्ट्रवाद है जो अपने ही देश को आंतरिक तौर पर खंड-खंड करने में जुटा हुआ है। समाज को आपस में लड़वा कर वोटों की फ़सल काटना शुरुआत से ही भाजपा की नीति रही है। चाहे गुजरात हो या उत्तरप्रदेश या केंद्र की राजनीति हर जगह यह जाति-धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण कर लोगों को एक दूसरे का दुश्मन बना देते हैं। जनता आपस में लड़ती रहती है और इनके नेता सत्ता का सुख भोगते रहते हैं। इनकी इसी रणनीति के कारण आज मणिपुर में दो समुदाय एक दूसरे के खून के प्यासे बने हुए हैं। इन्हीं के कारण वहां महिलाओं की इज्जत रोजाना तार-तार हो रही है। मासूम बच्चों के साथ हजारों लोगों को अपने ही राज्य में शरणार्थीयों की तरह कैम्पों में रहना पड़ रहा है।

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