पूर्व पीएम चंद्रशेखर की जयंती पर राजकीय समारोह आयोजित, सीएम नीतीश ने दी श्रद्धांजलि

पटना। बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर राजकीय सम्मान के साथ एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वर्गीय चंद्रशेखर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति इस समारोह में उपस्थित रहे और सभी ने चंद्रशेखर के जीवन और उनके सिद्धांतों को याद किया।
नीतीश कुमार ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए कहा कि चंद्रशेखर का जीवन समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जैसे नेता विरले ही होते हैं, जिनकी सोच और कार्यशैली आज भी प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी दोहराया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी चंद्रशेखर को याद करते हुए कहा कि वे एक सच्चे समाजवादी नेता थे। उनका जीवन समाज के हर वर्ग के लिए समर्पित था। सम्राट चौधरी ने कहा कि चंद्रशेखर की विचारधारा में आज भी समाज के लिए काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उन्हीं के आदर्शों पर चलते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की उपस्थिति
समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, पूर्व मंत्री श्याम रजक, अरविंद कुमार, शिवशंकर निषाद सहित कई अन्य राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
इस मौके पर सूचना एवं जन संपर्क विभाग की ओर से आरती, भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी की गई, जिससे समारोह का माहौल और अधिक भावनात्मक हो गया। इन प्रस्तुतियों ने चंद्रशेखर की देशभक्ति और समाज सेवा की भावना को सजीव रूप में उपस्थित जनसमूह के सामने रखा।
चंद्रशेखर की विचारधारा और समर्पण
चंद्रशेखर का राजनीतिक जीवन संघर्ष, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने हमेशा ही गरीब, मजदूर, किसान और पिछड़े वर्ग के हितों की बात की। समाजवादी आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनका मानना था कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज को न्यायपूर्ण दिशा देना है।
समारोह का महत्व और संदेश
इस राजकीय समारोह के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आज के समय में जब राजनीति में मूल्यों का संकट नजर आता है, तब चंद्रशेखर जैसे नेताओं की सोच और उनके कार्य हमें सही दिशा दिखा सकते हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने और उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया। इस तरह, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती एक बार फिर उनके जीवन और सिद्धांतों को याद करने का अवसर बना, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा ली।

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