दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, अचानक आई तकनीकी खराबी, 150 यात्री थे सवार
नई दिल्ली। दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की एक उड़ान को मंगलवार को तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। विमान में लगभग 150 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
उड़ान भरते ही आई तकनीकी दिक्कत
जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट की उड़ान संख्या एसजी121 ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेह के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के तुरंत बाद चालक दल को विमान में तकनीकी खराबी का संकेत मिला। बताया गया कि विमान के दूसरे इंजन में समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसके चलते स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पायलटों ने तुरंत वापस लौटने का निर्णय लिया। विमान बोइंग 737 श्रेणी का था। चालक दल ने सभी मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हवाई अड्डे के नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया और आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलते ही विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया।
सुरक्षित उतारा गया विमान
हवाई अड्डे पर पहले से ही अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क कर दी गई थीं। जैसे ही विमान ने लैंडिंग की, सभी आवश्यक एहतियाती इंतजाम मौके पर मौजूद थे। हालांकि कॉकपिट में आग संबंधी कोई चेतावनी संकेत नहीं मिला, फिर भी सुरक्षा के लिहाज से पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक पूरी की गई। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि तकनीकी खराबी के कारण विमान को वापस बुलाना पड़ा। विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और सभी यात्रियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। कंपनी ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने की बात भी कही है।
यात्रियों को दी गई सहायता
लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल भवन तक पहुंचाया गया। एयरलाइन की ओर से उन्हें आगे की यात्रा के लिए अन्य विमान या पुनर्निर्धारित उड़ान का विकल्प दिए जाने की संभावना है। कुछ यात्रियों ने बताया कि चालक दल ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभाला और समय रहते सही निर्णय लिया, जिससे किसी तरह की अफरातफरी नहीं मची। एयरलाइन सूत्रों के अनुसार, विमान की तकनीकी जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम इंजन में आई खराबी के कारणों का पता लगाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा सेवा में लगाया जाएगा।
हाल के महीनों में बढ़ी सतर्कता
हाल के समय में विमानों से जुड़ी आपात घटनाओं के चलते हवाई अड्डों और एयरलाइनों ने सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया है। पिछले कुछ महीनों में विभिन्न उड़ानों में बम की धमकी या तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आई थीं। फरवरी में डिब्रूगढ़ से कोलकाता जा रही इंडिगो की एक उड़ान को बम की धमकी मिलने के बाद आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। इसी तरह पिछले वर्ष दिसंबर में कुवैत से हैदराबाद आ रही एक उड़ान को मुंबई में उतारा गया था, जहां बाद में धमकी को फर्जी पाया गया। नवंबर में मुंबई से वाराणसी जा रहे एक विमान में शौचालय के अंदर कागज पर ‘बम’ लिखे मिलने के बाद वाराणसी में आपात लैंडिंग कराई गई थी। इन घटनाओं के बाद विमानन कंपनियां और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चेतावनी या तकनीकी संकेत को हल्के में नहीं ले रही हैं। दिल्ली में हुई इस ताजा घटना में भी पायलटों ने सतर्कता दिखाते हुए विमान को तुरंत वापस उतारने का फैसला लिया।
सुरक्षा सर्वोपरि
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि उड़ान के दौरान इंजन में किसी भी प्रकार की खराबी गंभीर मानी जाती है। ऐसे मामलों में मानक प्रक्रिया के तहत विमान को निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर उतारना ही सर्वोत्तम विकल्प होता है। इस घटना में भी यही किया गया, जिससे संभावित खतरे को टाला जा सका। दिल्ली हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के दौरान अन्य उड़ानों के संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। कुछ समय के लिए रनवे पर हल्का व्यवधान जरूर हुआ, लेकिन स्थिति जल्द सामान्य कर दी गई। स्पाइसजेट की इस उड़ान की आपात लैंडिंग ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में त्वरित और सतर्क निर्णय कितना महत्वपूर्ण होता है। सभी यात्रियों का सुरक्षित बच निकलना इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा मानकों का पालन प्राथमिकता पर किया गया।


