January 16, 2026

पटना में तेज रफ्तार थार ने 6 लोगों को कुचला, भीड़ ने ड्राइवर को पीटा, गाड़ी जलाकर किया हंगामा

पटना। पटना में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार से आ रही एक थार गाड़ी ने सड़क पर चल रहे और खड़े कई लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला समेत छह लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में जबरदस्त हंगामा हुआ और आक्रोशित भीड़ ने चालक की पिटाई कर दी। गुस्से में लोगों ने थार में आग लगा दी, जिससे सड़क पर करीब एक घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
हादसे की पूरी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा गोला रोड इलाके में हुआ। बताया गया कि थार करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रूपसपुर की ओर से गोला रोड की तरफ आ रही थी। गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक ने नियंत्रण खो दिया। सबसे पहले थार ने एक बाइक सवार को टक्कर मारी और इसके बाद भागने की कोशिश में सड़क पर मौजूद कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पलों में सड़क चीख-पुकार और भगदड़ का दृश्य बन गई।
घायलों की स्थिति और पहचान
इस हादसे में घायल हुए लोगों में तकियापर निवासी भाई-बहन रितिक और कोमल कुमारी, पंचशील नगर निवासी शेखर कुमार और झाखड़ी महादेव इलाके के गार्ड माधव कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। दो घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
लोगों का गुस्सा और हंगामा
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि थार चालक नशे की हालत में था, जिस कारण उसने लापरवाही से वाहन चलाया। गाड़ी रुकते ही लोगों ने चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। हालांकि, भीड़ की पकड़ से छूटकर चालक मौके से फरार हो गया। चालक के भागने के बाद गुस्से में लोगों ने थार को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते गाड़ी धू-धू कर जलने लगी और गोला रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
सड़क पर तनावपूर्ण माहौल
थार में आग लगाए जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और करीब एक घंटे तक हंगामा करते रहे। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आसपास के दुकानदारों ने डर के कारण अपनी दुकानें बंद कर दीं। आग की लपटें और धुआं दूर से दिखाई दे रहा था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस और दमकल की कार्रवाई
सूचना मिलते ही दानापुर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज और रूपसपुर थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। आग बुझाने के लिए दमकल की टीम को मौके पर भेजा गया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने थार में लगी आग पर काबू पाया। इस दौरान गाड़ी का नंबर प्लेट पूरी तरह जल चुका था, जिससे उसकी पहचान में मुश्किल आ रही है।
वाहन और चालक की तलाश
पुलिस ने बताया कि थार के चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर वाहन मालिक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि चालक और वाहन मालिक दोनों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का प्रतीत हो रहा है। यदि चालक के नशे में होने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों देखी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद एक साइकिल थार के नीचे फंस गई थी, जिसे चालक करीब 40 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। यह दृश्य इतना भयावह था कि सड़क पर मौजूद लोग सहम गए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गाड़ी डिवाइडर से नहीं टकराती, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
प्रशासन के लिए चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोला रोड जैसे व्यस्त इलाके में तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती जरूरी है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। पटना में हुआ यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, नशे और कानून के प्रति उदासीनता का गंभीर उदाहरण है। छह लोगों का घायल होना और सड़क पर हिंसा व आगजनी यह दिखाती है कि ऐसे मामलों में समय रहते नियंत्रण और सख्ती कितनी जरूरी है। अब पुलिस जांच के नतीजों और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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