पूर्व मंत्री सोनाधारी सिंह और सत्यनारायण शर्मा JDU में शामिल, बशिष्ठ नारायण से मिले ललन सिंह
पटना। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सोनाधारी सिंह और अतिपिछड़ा समाज के नेता सत्यनारायण शर्मा शुक्रवार को भारी संख्या में अपने समर्थकों के साथ जदयू में शामिल हुए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपनी आस्था जताई। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, बिहार सरकार के मंत्री शीला मंडल और अशोक चौधरी एवं विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ संजय गांधी उपस्थित थे।
इस मौके पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पूर्व मंत्री सोनाधारी सिंह और अतिपिछड़ा के समाज वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा के पार्टी में शामिल होने से पार्टी की ताकत और बढ़ेगी। श्री कुशवाहा ने कहा कि जदयू सभी वर्गों की पार्टी है और इस पार्टी में सभी वर्गों के लोगों को आदर सम्मान मिलता है। इसी कारण जदयू में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है और हाल के दिनों में कई बड़े नेता हमारे दल में शामिल हुए हैं। हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में हमारी पार्टी की मजबूती और बढ़ेगी। उमेश कुशवाहा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इस कारण भी पार्टी में लोग शामिल होकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के मार्गदर्शन में पार्टी ने एक अहम रणनीति बनाई है और उस रणनीति के तहत पार्टी की मजबूती के लिए कार्य किया जा रहा है। पार्टी का मिशन और विजन है कि आने वाले 2024 के लोकसभा और 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू बेहतर प्रदर्शन करे। इसके लिए पार्टी जिला, प्रखंड से लेकर पंचायत तक मजबूती के लिए कार्य कर रही है।
बशिष्ठ नारायण से मिले ललन सिंह


वहीं जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह ने बयान जारी कर कहा कि पूर्व मंत्री सोनाधारी सिंह का पार्टी में स्वागत है। इनके आने से पार्टी को शाहाबाद ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में मजबूती मिलेगी। श्री सिंह बिहार सरकार में मंत्री एवं कई बार विधायक रह चुके हैं। जदयू के खासकर शाहाबाद के पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को इनके अनुभव का लाभ मिलेगा। इस बीच जदयू के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद राजीव रंजन सिंह ने बशिष्ठ नारायण सिंह के पटना स्थित आवास पर जाकर मुलाकात की। उस मुलाकात में पार्टी संगठन की मजबूती, विस्तार एवं अन्य मसलों के साथ-साथ बिहार के वर्तमान राजनीतिक परिदृष्यों पर भी चर्चा हुई।

