पटना में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट परियोजना शुरू, शहर की रोशनी होगी और आधुनिक

  • हजार नई सेंसर आधारित लाइटें लगेंगी, बिजली खपत में आएगी कमी
  • केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से होगी निगरानी, खराबी का तुरंत होगा समाधान

पटना। नगर निगम क्षेत्र में अब सड़कों की रोशनी अत्याधुनिक तकनीक से और बेहतर होने जा रही है। शहर में लगभग 25 हजार नई स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना तैयार की गई है, जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी वस्तुओं के इंटरनेट आधारित तकनीक से संचालित होंगी। इन लाइटों में लगे सेंसर शाम होते ही स्वतः जल जाएंगे और सुबह होने पर अपने आप बंद हो जाएंगे। इस व्यवस्था से न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि बिजली खपत में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना शहर को स्मार्ट और ऊर्जा दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन स्ट्रीट लाइटों के संचालन और निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां से पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जाएगी। इस प्रणाली के माध्यम से किसी भी तकनीकी खराबी का तुरंत पता लगाया जा सकेगा और समय रहते उसकी मरम्मत सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे रखरखाव व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और तेज हो जाएगी। इस परियोजना के तहत न केवल नई लाइटें लगाई जाएंगी, बल्कि पहले से स्थापित स्ट्रीट लाइटों को भी आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम क्षेत्र में लगभग 82 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं, जिनकी क्षमता 35 वाट से लेकर 140 वाट तक है। नई व्यवस्था के तहत इन सभी लाइटों को भी वस्तुओं के इंटरनेट आधारित प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे उनका संचालन अधिक स्मार्ट और नियंत्रित हो सकेगा। इस पूरी प्रणाली के रखरखाव, स्वचालन और केंद्रीकृत नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली की स्थापना के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड द्वारा नगर निगम क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव कार्य किया जा रहा है, जो 30 अप्रैल तक जारी रहेगा। इसके बाद नई व्यवस्था के तहत चयनित एजेंसी इस पूरे सिस्टम को संभालेगी। शहर में रोशनी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर उच्च मस्तूल लाइटें भी लगाई जाएंगी। इसके लिए 1.61 करोड़ रुपये की लागत से कुल 35 नई हाई मास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक हाई मास्ट लाइट की ऊंचाई 12.5 मीटर होगी और इसमें छह फ्लड लाइटें लगाई जाएंगी, जिनकी कुल क्षमता 1200 वाट होगी। इससे प्रमुख इलाकों में रात के समय बेहतर रोशनी सुनिश्चित हो सकेगी और यातायात तथा सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। योजना के अनुसार, नूतन राजधानी क्षेत्र में 12, कंकड़बाग में 5, पाटलिपुत्र में 7, बांकीपुर में 5, अजीमाबाद में 2 और पटना सिटी क्षेत्र में 4 हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। इन स्थानों का चयन वहां की जरूरत और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए किया गया है। नगर निगम का मानना है कि इस परियोजना के लागू होने के बाद शहर की सड़कों पर रोशनी की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलेगा। साथ ही, ऊर्जा दक्षता बढ़ने से बिजली खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। यह परियोजना पटना को एक आधुनिक और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम शहरवासियों को स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे।

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