बाजार में फिर बढ़ी सोने और चांदी की कीमतें, चांदी ढाई लाख के पास, सोने में भी भारी उछाल
पटना। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई हालिया गिरावट के बाद एक बार फिर कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली है। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी और सोने की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों और कारोबारियों के बीच नई हलचल पैदा हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी बहु-वस्तु विनिमय मंच पर चांदी का भाव छह प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 2 लाख 50 हजार 436 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गया, जबकि सोने की कीमत भी करीब तीन प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 48 हजार 310 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। बीते कुछ दिनों में तेज गिरावट झेलने के बाद आई इस मजबूती को बाजार विशेषज्ञ अहम संकेत के रूप में देख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 46 प्रतिशत तक टूट चुकी थी, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि अब अचानक आई तेजी ने बाजार की धारणा को फिर से सकारात्मक दिशा में मोड़ दिया है।अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी कीमती धातुओं में मजबूती साफ नजर आ रही है। वैश्विक बाजार में स्पॉट सोने यानी तत्काल डिलीवरी वाले सोने का भाव 4.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,855 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। इससे पहले शुक्रवार को इसमें करीब 4.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। केवल सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि स्पॉट प्लेटिनम यानी तत्काल डिलीवरी वाले प्लेटिनम की कीमतों में भी लगभग तीन प्रतिशत का उछाल देखा गया।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण काम कर रहे हैं। सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए जाने वाले आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की गई। इस फैसले ने कमोडिटी यानी जिंस बाजार की भावना को तेजी वाला बना दिया। लंबे समय से अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी और शुल्क में कटौती के इस कदम को उसी दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। बाजार जानकारों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की ओर से लगातार सोने की खरीदारी जैसी गतिविधियों ने भी कीमतों को सहारा दिया है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी अनुसंधान प्रमुख हरीश वी का कहना है कि दुनिया भर में अस्थिर माहौल और केंद्रीय बैंकों की सक्रिय खरीद के कारण कीमती धातुओं में तेजी का रुझान आगे भी बना रह सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि हालिया गिरावट मुख्य रूप से अत्यधिक खरीदारी के बाद मुनाफावसूली के कारण देखने को मिली थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक महीने के भीतर चांदी के भाव में करीब 60 प्रतिशत और सोने में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इतनी तेज बढ़त के बाद स्वाभाविक रूप से बाजार में कुछ सुधार आया, लेकिन अब एक बार फिर कीमतों में उछाल निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना और चांदी की मांग बढ़ने पर इनकी कीमतों में और मजबूती आ सकती है। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। पटना सहित राज्य के अन्य शहरों में भी सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि ऊंचे दामों के कारण खुदरा ग्राहकों की खरीद फिलहाल सीमित बनी हुई है, लेकिन निवेश उद्देश्य से खरीदारी में रुचि बढ़ी है।आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी मौद्रिक नीति, वैश्विक मुद्रास्फीति के आंकड़े और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की दिशा बाजार की आगे की चाल तय करेगी। फिलहाल जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय संकेत मिल रहे हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव के बीच तेजी का दौर कुछ समय तक जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्कता के साथ कदम उठाने और बाजार की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने की सलाह दी जा रही है।


