January 16, 2026

पुणे निकाय चुनाव में एक साथ हुए शरद और अजीत पवार, जारी किया संयुक्त घोषणापत्र

पुणे। महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम और प्रतीकात्मक घटना सामने आई है। पुणे नगर निगम चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों ने एक साथ आने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद पुणे की सियासी फिजा में नई हलचल दिख रही है। लंबे समय से अलग-अलग राह पर चल रहे शरद पवार और अजित पवार से जुड़ी पार्टियां अब पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के नगर निगम चुनाव में संयुक्त रूप से उतर रही हैं। इसी कड़ी में शनिवार को एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया, जिसने आगामी चुनाव की दिशा और एजेंडे को साफ कर दिया है।
एक मंच पर दिखे पवार परिवार के नेता
संयुक्त घोषणापत्र जारी करने के दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सांसद सुप्रिया सुले एक ही मंच पर नजर आए। यह दृश्य अपने आप में सियासी संदेश देने वाला था। बीते कुछ वर्षों में पार्टी टूट और खेमेबंदी के बाद पहली बार पुणे निकाय चुनाव में दोनों धड़े एक साथ खड़े दिखाई दिए। मंच से नेताओं ने यह संकेत देने की कोशिश की कि स्थानीय निकाय चुनाव में आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
संयुक्त लड़ाई का उद्देश्य और संदेश
अजित पवार ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य पुणे के नागरिकों के लिए विकास और स्थिरता सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, शहर की बुनियादी जरूरतों, यातायात, पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्पष्ट नीति के साथ जनता के सामने जाना जरूरी है। वहीं सुप्रिया सुले ने कहा कि संयुक्त मंच से उतरने का फैसला समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की सोच का परिणाम है। उनका मानना है कि यह एकजुटता भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के लिए मजबूत राजनीतिक संदेश है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ का सियासी महत्व
पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ दोनों ही महाराष्ट्र के बड़े और अहम शहरी निकाय हैं। इन शहरों की राजनीति का असर राज्य की सियासत पर भी पड़ता है। 2017 से 2022 तक यहां भाजपा का वर्चस्व रहा है। अब एनसीपी के दोनों धड़ों का एक साथ आना सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। खासकर पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे औद्योगिक और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
घोषणापत्र में विकास पर जोर
संयुक्त घोषणापत्र में शहरी जीवन से जुड़े कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। हर घर को रोजाना स्वच्छ नल जल की आपूर्ति, गड्ढा मुक्त और सुरक्षित सड़कें, नियमित सफाई व्यवस्था और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रमुख वादों में शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदूषण मुक्त और हरित पुणे के निर्माण की बात कही गई है। झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास और पुरानी इमारतों के नवीनीकरण को भी एजेंडे में जगह दी गई है।
शिक्षा और परिवहन को लेकर बड़े वादे
घोषणापत्र में शिक्षा और परिवहन को लेकर भी बड़े वादे किए गए हैं। पुणे मॉडल स्कूल के तहत हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात कही गई है। छात्रों के लिए मुफ्त कंप्यूटर टैबलेट की योजना का भी उल्लेख है। वहीं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए PMPML बसों और मेट्रो में मुफ्त यात्रा का वादा किया गया है। इसके अलावा 500 वर्ग फीट तक के घरों पर संपत्ति कर माफी का ऐलान भी मध्यम और निम्न वर्ग को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा पर सीधा हमला
अजित पवार ने इस मौके पर स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड मिलने के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नगर निगम कार्यकाल में कई योजनाएं अधूरी रहीं। एनसीपी का गठबंधन इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगा और खुद को एक वैकल्पिक विकास मॉडल के रूप में पेश करेगा।
मतदान और चुनावी समीकरण
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 15 जनवरी को 29 नगर निगमों के लिए मतदान होना है, जिनमें पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ भी शामिल हैं। राज्य चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है और 70 प्रतिशत से अधिक मतदान की अपील की है। पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम में करीब 17 लाख से ज्यादा मतदाता हैं, जो 128 पार्षदों का चुनाव करेंगे। ऐसे में यहां का परिणाम पूरे राज्य की राजनीति के लिए संकेतक माना जा रहा है। पुणे निकाय चुनाव में शरद पवार और अजित पवार के धड़ों का एक साथ आना केवल स्थानीय राजनीति की घटना नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की व्यापक सियासत में भी नए संकेत देता है। संयुक्त घोषणापत्र के जरिए विकास, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर एनसीपी ने खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि पुणे की जनता इस एकजुटता और वादों को कितना समर्थन देती है और चुनावी नतीजे किस दिशा में जाते हैं।

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