पटना समेत 26 जिलों में भयंकर हीटवेव का अलर्ट, 40 के पार जाएगा पारा, 12 जून के बाद बारिश

पटना। बिहार इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में सूरज की तपिश और सूखी हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले दो-तीन दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है और लू के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी पटना समेत कुल 26 जिलों में मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
40 डिग्री के पार पहुंचेगा तापमान
पटना, गया, छपरा, शेखपुरा, रोहतास, गोपालगंज और चंपारण समेत जिन 26 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, वहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहने की संभावना है। रविवार को रोहतास का तापमान 40.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक था। गया में तापमान 40.2 डिग्री, शेखपुरा में 39.9 डिग्री और छपरा में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी और उमस से बढ़ेगी परेशानी
मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में गर्मी के साथ-साथ वातावरण में नमी की मात्रा भी अधिक है, जिससे उमस भरी गर्मी और अधिक परेशान करेगी। इस तरह की स्थिति में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकावट और चक्कर आने जैसी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि अधिक से अधिक पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और धूप में निकलने से बचें।
दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र ने जनता से अपील की है कि दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यावश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें। इस समय पर सूरज की किरणें सबसे तीव्र होती हैं और लू चलने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा यदि किसी को बाहर निकलना भी पड़े तो सिर ढक कर और पानी साथ लेकर निकलें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
12 जून के बाद राहत की उम्मीद
मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 12 और 13 जून के बाद उत्तर और पूर्वी बिहार के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना बन रही है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। हालांकि, यह बारिश बहुत व्यापक नहीं होगी, फिर भी इससे तापमान में थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है।
मानसून की धीमी गति बनी चिंता का विषय
आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह तक बिहार में मानसून की दस्तक हो जाती है, लेकिन इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी होने के कारण राज्य के मौसम पर उसका असर अभी तक नहीं दिख रहा है। मानसून की गति में देरी के कारण प्रदेश में गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और वातावरण में नमी की कमी बनी हुई है।
सावधानी ही बचाव का तरीका
फिलहाल प्रदेश को भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, गर्मी से बचने के उपाय करें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें, क्योंकि हीटवेव के हालात जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। जब तक मानसून पूरी तरह से सक्रिय नहीं हो जाता, तब तक इस तरह की गर्म और परेशानीभरी स्थिति से जूझना पड़ेगा।