पटना में स्कार्पियो ने पिकअप को मारी टक्कर, कारोबारी के बेटे की मौत, चार लोग जख्मी
पटना। पटना में सोमवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे ने शहर को झकझोर कर रख दिया। अटल पथ पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो द्वारा पीछे से पिकअप में टक्कर मारने की इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही पलों में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई। मृतक की पहचान एक स्थानीय कारोबारी के बेटे के रूप में हुई है, जिससे घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता और बढ़ गई।
स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़ी पिकअप को मारी टक्कर
यह दुर्घटना सोमवार सुबह करीब तीन बजे गांधी मैदान ट्रैफिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत अटल पथ पर हुई। रात का सन्नाटा और खाली सड़कें अक्सर तेज रफ्तार को बढ़ावा देती हैं। इसी दौरान सोनपुर से पटना लौट रही स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग नींद से जाग गए और मौके की ओर दौड़े।
घटना की पूरी परिस्थितियां
जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन पशुओं के चारे से लदा हुआ था और उसका टायर पंक्चर हो गया था। चालक रामसेवक वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर पंक्चर बना रहा था। उसी समय पीछे से आ रही स्कॉर्पियो तेज गति में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। स्कॉर्पियो सीधे पिकअप से टकरा गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और पिकअप पर लदी चारे की बोरियां सड़क पर बिखर गईं।
मृतक और घायलों की पहचान
इस हादसे में स्कॉर्पियो चला रहे आदित्य कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। आदित्य मीठापुर निवासी थे और पेट्रोल पंप कारोबारी प्रदीप कुमार के बेटे थे। स्कॉर्पियो भी प्रदीप कुमार के नाम पर ही रजिस्टर्ड थी और हाल ही में खरीदी गई थी। वाहन पर एक राजनीतिक दल का झंडा भी लगा हुआ था। हादसे में स्कॉर्पियो में सवार आदित्य के तीन दोस्तों को हल्की चोटें आईं, जबकि पिकअप चालक रामसेवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल पिकअप चालक की स्थिति
पिकअप चालक रामसेवक को गंभीर चोटें आई हैं। उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है और शरीर पर कई जगह जख्म हैं, जिन पर करीब 15 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। रामसेवक ने बताया कि वह छपरा से पशु चारा लेकर शिवपुरी चितकोहरा स्थित चक्की जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी गाड़ी पंक्चर हो गई और हादसा हो गया।
एयर बैग और तकनीकी पहलू
हादसे के बाद स्कॉर्पियो के लगभग सभी एयर बैग खुल गए थे, लेकिन ड्राइवर सीट का एयर बैग नहीं खुल पाया। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यही कारण आदित्य की मौत का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। यदि ड्राइवर साइड का एयर बैग समय पर खुल जाता, तो शायद जान बच सकती थी। यह पहलू अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
तीनों दोस्त मौके से हुए फरार
हादसे के बाद स्कॉर्पियो में सवार आदित्य के तीनों दोस्त मौके से फरार हो गए। उन्हें हल्की चोटें आई थीं, लेकिन वे इलाज कराने या पुलिस को जानकारी देने के बजाय वहां से चले गए। पुलिस उनकी पहचान और लोकेशन पता करने में जुटी हुई है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उन्हें तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
गांधी मैदान ट्रैफिक थाना पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें वाहन की रफ्तार, ब्रेक के निशान और एयर बैग सिस्टम शामिल हैं। मृतक के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
परिवार में मातम
आदित्य की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। परिजन गहरे सदमे में हैं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। एक युवा बेटे की इस तरह अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। मोहल्ले में शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। रात के समय खाली सड़कों पर तेज गति से वाहन चलाना अक्सर जानलेवा साबित होता है। साथ ही सड़क किनारे खड़े वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों की कमी भी दुर्घटनाओं को न्योता देती है।
सबक और चेतावनी
पटना का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। सुरक्षित गति, सतर्क ड्राइविंग और सड़क पर खड़े वाहनों के लिए उचित संकेत बेहद जरूरी हैं। प्रशासन और आम लोगों, दोनों को मिलकर सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।


