January 24, 2026

सरस्वती पूजा के बाद अब विसर्जन की तैयारी, 7 आर्टिफिशियल तालाब में विसर्जन, नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

पटना। सरस्वती पूजा का पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। वसंत पंचमी के अवसर पर शहर भर में मां सरस्वती की पूजा की गई और लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। पूजा संपन्न होने के बाद अब शहर में प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी शुरू हो गई है। आज मां सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, जिसके लिए पटना नगर निगम और जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
आर्टिफिशियल तालाबों में होगा विसर्जन
पटना नगर निगम ने इस बार पर्यावरण संरक्षण और जलस्रोतों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए विसर्जन के लिए सात आर्टिफिशियल तालाब तैयार किए हैं। ये तालाब खासतौर पर सरस्वती पूजा के दौरान स्थापित प्रतिमाओं और पूजन सामग्री के विसर्जन के लिए बनाए गए हैं। नगर निगम का स्पष्ट निर्देश है कि इन्हीं निर्धारित स्थलों पर विसर्जन किया जाए। इसके अलावा किसी अन्य स्थान, नदी या प्राकृतिक जलस्रोत में विसर्जन करने पर संबंधित व्यक्तियों और पूजा समितियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अंचलवार बनाए गए विसर्जन स्थल
नगर निगम की ओर से अलग-अलग अंचलों में आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं और पूजा समितियों को विसर्जन में सुविधा हो। बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट पर कृत्रिम तालाब बनाया गया है। पाटलिपुत्र अंचल में पाटीपुल घाट और मीनार घाट पर यह व्यवस्था की गई है। अजीमाबाद अंचल में घाट और मित्तन घाट, जबकि पटना सिटी अंचल में कंगन घाट और दमराही घाट को विसर्जन स्थल के रूप में तैयार किया गया है। इन सभी स्थानों पर कपड़े से बैरिकेडिंग की गई है और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है ताकि रात के समय भी विसर्जन सुरक्षित तरीके से हो सके।
नगर आयुक्त की अपील और सख्त निर्देश
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि आर्टिफिशियल तालाबों की व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि गंगा नदी और अन्य जलस्रोतों की स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरस्वती पूजा और विसर्जन का आयोजन पूरी तरह पर्यावरणीय दायित्व के साथ सुनिश्चित किया जाए। नगर आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि पूजा पंडालों और विसर्जन स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
पंडालों की निगरानी और स्वच्छता पर जोर
सरस्वती पूजा के दिन पटना नगर निगम की टीमें अपने-अपने अंचलों में घूमकर पंडालों की मॉनिटरिंग कर रही हैं। यह देखा जा रहा है कि पंडाल मानकों के अनुसार लगाए गए हैं या नहीं। नगर निगम ने पूजा समितियों को निर्देश दिया है कि पूजन सामग्री को इधर-उधर न फेंका जाए। सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डालने की व्यवस्था की जाए। इससे न केवल पूजा स्थल साफ रहेगा, बल्कि विसर्जन के समय भी अव्यवस्था नहीं होगी।
प्लास्टिक मुक्त विसर्जन अभियान
पटना नगर निगम ने इस बार सरस्वती पूजा और विसर्जन को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विशेष जागरूकता टीमें घाटों पर तैनात की गई हैं। ये टीमें श्रद्धालुओं और पूजा समितियों को प्लास्टिक रैपर, पॉलीथिन और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेंगी। नगर निगम का मानना है कि अगर लोग जागरूक होंगे तो शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखना आसान होगा।
गंगा और अन्य जलस्रोतों की सुरक्षा
सरस्वती पूजा के बाद विसर्जन के दौरान गंगा नदी सहित अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम की सफाई टीमें विसर्जन के बाद घाटों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई करेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा के बाद भी शहर की स्वच्छता और नदी की पवित्रता बनी रहे।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर
मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पटना जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी पुख्ता तैयारी की है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि जिला नियंत्रण कक्ष में विशेष स्वास्थ्य टीम की तैनाती की जाएगी, जो 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेगी।
घाटों पर तैनात रहेंगी स्वास्थ्य टीमें
सिविल सर्जन के अनुसार, शहर के सभी प्रमुख घाटों पर स्वास्थ्य टीमें तैनात रहेंगी। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और नर्सिंग स्टाफ शामिल होंगे। इसके साथ ही घाटों पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। केवल पटना शहर ही नहीं, बल्कि जिले के सभी अनुमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेंगे।
जिम्मेदारी और सहयोग की जरूरत
सरस्वती पूजा और विसर्जन के इस दौरान प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करें, निर्धारित स्थलों पर ही विसर्जन करें और स्वच्छता का ध्यान रखें, तो यह पर्व न केवल श्रद्धा के साथ संपन्न होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश देगा। पटना नगर निगम और जिला प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य यही है कि पूजा का उत्सव सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित तरीके से संपन्न हो।

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