टीआरई-1 से बहाल शिक्षकों का बढेगा वेतन, युद्धस्तर पर कार्य जारी, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन

पटना। बिहार में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित टीआरई-1 शिक्षकों के वेतन में अब वृद्धि की तैयारी पूरी कर ली गई है। करीब दो वर्षों से वार्षिक वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे शिक्षकों को जल्द ही इसका लाभ मिलने वाला है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनवरी माह के वेतन के साथ ही यह बढ़ोतरी लागू कर दी जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है और जल्द ही इससे संबंधित औपचारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा।
दो साल से अटकी थी वार्षिक वेतन वृद्धि
टीआरई-1 के तहत चयनित शिक्षकों को जुलाई 2024 से ही वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिल जाना चाहिए था। हालांकि तकनीकी कारणों से यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। विभाग का कहना है कि एचआरएमएस प्रणाली में आई तकनीकी दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों का वेतन अपडेट नहीं हो पाया था। इस वजह से शिक्षकों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब विभागीय आदेश के बाद इन समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और वेतन वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है।
जिला स्तर पर तेज हुई कार्रवाई
जिला स्थापना शाखा में इस संबंध में तेजी से काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक-दो दिनों के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। डीपीओ स्थापना ने शिक्षक वेतन मेला के दौरान इस बात की जानकारी दी कि जिले के सभी प्रकार के शिक्षकों को जनवरी के वेतन के साथ वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। इस घोषणा के बाद शिक्षकों में संतोष और उम्मीद का माहौल है।
शिक्षक वेतन मेला बना समाधान का मंच
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित शिक्षक वेतन मेला इस बार खासा उपयोगी साबित हुआ। इस दौरान डीपीओ स्थापना ने अपने कार्यालय में 200 से अधिक शिक्षकों की समस्याएं सुनीं। अधिकांश आवेदन वार्षिक वेतन वृद्धि, लंबित एरियर भुगतान, कम वेतन निर्धारण और तकनीकी कारणों से वेतन न मिलने से जुड़े थे। इसके अलावा प्राण नंबर से संबंधित दिक्कतें भी कई शिक्षकों ने सामने रखीं।
लंबित एरियर और वेतन भुगतान पर जोर
वेतन मेले में सबसे ज्यादा शिकायतें लंबित वेतन और एरियर भुगतान को लेकर आईं। कई शिक्षकों का कहना था कि महीनों से उनका पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डीपीओ ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शाखाओं को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि योग्य मामलों में जल्द ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
अवकाश से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं
वेतन मेले के दौरान चिकित्सा अवकाश, पितृत्व अवकाश, अर्जित अवकाश और मातृत्व अवकाश के दौरान लंबित वेतन भुगतान से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। डीपीओ स्थापना ने स्पष्ट किया कि प्रोवेशन अवधि वाले शिक्षकों के लिए नियम अलग हैं। वर्तमान प्रावधान के अनुसार प्रोवेशन अवधि में केवल मातृत्व अवकाश देय है, जबकि अन्य प्रकार के अवकाश को अवैतनिक अवकाश में परिवर्तित किया जाता है। इस जानकारी से कई शिक्षकों की शंकाएं दूर हुईं।
तकनीकी अड़चनों का समाधान
विभाग का कहना है कि एचआरएमएस स्तर पर जिन तकनीकी समस्याओं के कारण वेतन वृद्धि और भुगतान अटका हुआ था, उन्हें अब दूर कर लिया गया है। डेटा अपडेट, वेतन निर्धारण और सेवा विवरण में सुधार का काम पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब सिस्टम पूरी तरह तैयार है, जिससे आगे इस तरह की दिक्कतें नहीं आएंगी।
शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद
वेतन वृद्धि की खबर से टीआरई-1 शिक्षकों में उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे शिक्षकों का मानना है कि इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि कार्य के प्रति उनका मनोबल भी बढ़ेगा। कई शिक्षकों ने कहा कि समय पर वेतन और वार्षिक वृद्धि मिलना किसी भी कर्मचारी का अधिकार है और अब जाकर यह अधिकार पूरा होता दिख रहा है।
जल्द आएगा आधिकारिक नोटिफिकेशन
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वेतन वृद्धि को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। इसके बाद सभी जिलों में एक समान तरीके से बढ़ा हुआ वेतन लागू होगा। विभाग का दावा है कि इस बार प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी न हो। टीआरई-1 से बहाल शिक्षकों के लिए वेतन वृद्धि की यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दो वर्षों की देरी के बाद अब जब विभाग ने ठोस कार्रवाई शुरू की है, तो शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। जनवरी के वेतन के साथ वार्षिक वृद्धि लागू होने से न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में कार्यरत शिक्षकों का भरोसा भी मजबूत होगा। आने वाले दिनों में नोटिफिकेशन जारी होते ही यह साफ हो जाएगा कि यह फैसला किस तरह जमीन पर लागू होता है, लेकिन फिलहाल शिक्षकों के लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है।

You may have missed