January 16, 2026

पटना में स्वर्ण व्यवसायी से अपराधियों ने की लूटपाट, मारी गोली, सीसीटीवी में वारदात कैद

पटना। राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला मनेर थाना क्षेत्र का है, जहां शुक्रवार देर शाम स्वर्ण व्यवसायी के साथ लूटपाट की कोशिश के दौरान अपराधियों ने गोली चला दी। इस वारदात ने न सिर्फ इलाके के लोगों को दहला दिया है, बल्कि एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस घटना से आम लोग और कारोबारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण
घटना मनेर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या सात स्थित कटहरा मुहल्ले की है। घायल स्वर्ण व्यवसायी की पहचान मनेर अस्पताल मोड़ निवासी विजय साव के पुत्र संजय सोनी के रूप में हुई है। संजय सोनी की गर्ल्स स्कूल के पास आभूषण की दुकान है। रोज की तरह शुक्रवार की शाम भी वह दुकान बंद कर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए तीन अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और लूटपाट का प्रयास शुरू कर दिया। जब संजय सोनी ने इसका विरोध किया तो अपराधियों ने गोली चला दी। गोली उनके कंधे में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई।
स्थानीय लोगों की तत्परता
गोली चलने की आवाज और शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने घायल संजय सोनी को सड़क पर गिरा देख बिना देर किए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। मनेर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें पटना के पारस अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों की तत्परता से समय रहते घायल को इलाज मिल सका, नहीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक खाली खोखा, एक बाइक और एक चप्पल बरामद की है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस का मानना है कि अपराधियों ने पहले से ही पूरी योजना बना रखी थी और सही मौके का इंतजार कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आना पुलिस के लिए अहम सबूत माना जा रहा है। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो युवक पहले से एक गली में खड़े थे। कुछ देर बाद एक तीसरा युवक बाइक से वहां पहुंचता है और तीनों आपस में बातचीत करने लगते हैं। तीनों अपराधी लगातार मोबाइल फोन पर किसी से संपर्क में नजर आते हैं। जैसे ही संजय सोनी अपनी बाइक से उस गली में पहुंचते हैं, अपराधी उन्हें जबरन रोकते हैं। धक्का-मुक्की के दौरान गोली चलाई जाती है। इसके बाद जब आसपास के लोग जमा होने लगते हैं तो तीनों अपराधी हथियार लहराते हुए पैदल ही मनेर चौराहा की ओर फरार हो जाते हैं।
अपराधियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अपराधी स्थानीय थे या किसी अन्य इलाके से आए थे। बरामद बाइक और अन्य सामान के जरिए अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
कारोबारियों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद इलाके के कारोबारियों में भय का माहौल है। स्वर्ण व्यवसायी पर हुए इस हमले ने अन्य व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबारियों का कहना है कि दिनदहाड़े या शाम के समय भी अब सुरक्षित महसूस नहीं होता। भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की वारदात होना पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। व्यापारियों का आरोप है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। आए दिन लूट, गोलीबारी और छिनतई की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
पुलिस व्यवस्था पर उठते सवाल
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यदि नियमित गश्त और सख्त निगरानी होती तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन अपराध होने के बाद ही उनका उपयोग हो पाता है। लोगों की मांग है कि पुलिस की मौजूदगी सड़क पर दिखाई दे, ताकि अपराधियों में डर बना रहे। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
आगे की चुनौती
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और इलाके में सुरक्षा का भरोसा बहाल करना है। संजय सोनी की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन यह घटना लंबे समय तक लोगों के मन में डर छोड़ गई है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वे अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करें और आम लोगों को सुरक्षित माहौल प्रदान करें।

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