February 11, 2026

पटना में 11 जर्जर सड़कों की 30 दिनों में होगी मरम्मत, विभाग ने निर्धारित किया लक्ष्य, आसान होगा आवागमन

पटना। राजधानी पटना में लंबे समय से जर्जर सड़कों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। पथ निर्माण विभाग ने शहर और आसपास के इलाकों की 11 खराब सड़कों की मरम्मत की योजना को मंजूरी दे दी है। विभाग ने इस काम को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। करीब 1.61 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस मरम्मत कार्य को 15 से 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है।
शहरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
पटना में कई सड़कें ऐसी हैं, जिनकी हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। गड्ढों, टूटे हिस्सों और धूल-मिट्टी के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर व्यस्त इलाकों में जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पथ निर्माण विभाग का कहना है कि इन 11 सड़कों की मरम्मत पूरी होने के बाद शहरवासियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
निर्धारित समय में पूरा होगा काम
विभाग ने मरम्मत कार्य को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी काम तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। पटना सिटी प्रमंडल की निगरानी में यह पूरा प्रोजेक्ट चलेगा। अधिकारियों का कहना है कि काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानसून और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सड़कों को जल्द से जल्द गड्ढा मुक्त करना विभाग की प्राथमिकता है।
पहले चरण में व्यस्त सड़कों पर फोकस
मरम्मत योजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में उन सड़कों को शामिल किया गया है, जहां रोजाना भारी ट्रैफिक रहता है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग 30 फोरलेन से पुनाडीह-बैरिया मार्ग, पटना-गया स्टेट हाईवे से जुड़े डंपिंग यार्ड रोड और एनएच-30 बाइपास से मरचा-मार्च पथ प्रमुख हैं। इन सड़कों पर रोजाना हजारों वाहन चलते हैं, जिससे यहां जाम और धूल की समस्या बनी रहती है। विभाग ने इन पांच सड़कों की मरम्मत एक महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य तय किया है।
जाम और धूल से मिलेगी राहत
इन व्यस्त सड़कों की हालत सुधरने से ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। गड्ढों के कारण जो वाहन धीमी गति से चलते थे, अब उन्हें आसानी से निकलने का रास्ता मिलेगा। इसके साथ ही धूल-मिट्टी से होने वाली परेशानी भी कम होगी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क ठीक होने से उनका दैनिक जीवन भी आसान हो जाएगा।
दूसरे चरण में ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने वाली सड़कें
दूसरे चरण में उन सड़कों की मरम्मत की जाएगी, जो शहरी और ग्रामीण इलाकों को जोड़ती हैं। इसमें कंसारी-डुमरी-राजघाट पथ, देवकुली से बीबीपुर तक जाने वाले मार्ग के हिस्से, जगनपुरा-चिपरा रोड और बिस्कोमान गोलंबर से विकास कॉलोनी तक की सड़कें शामिल हैं। इन सड़कों की मरम्मत केवल दो हफ्तों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को लंबे समय से खराब सड़कों की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
आवागमन होगा आसान
इन सड़कों के सुधरने से न केवल शहर के भीतर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी आवागमन सुचारू होगा। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। वाहन चालकों का कहना है कि अच्छी सड़कें होने से समय की बचत के साथ-साथ ईंधन की खपत भी कम होगी।
दुर्घटनाओं में आएगी कमी
खराब सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। गड्ढों में फिसलकर बाइक सवार और साइकिल चालकों के गिरने की घटनाएं आम हैं। विभाग का मानना है कि मरम्मत के बाद सड़कों की सतह समतल होगी, जिससे हादसों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। यह कदम सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
गुणवत्ता पर नहीं होगा समझौता
पथ निर्माण विभाग ने साफ कहा है कि इस परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण सामग्री और तकनीक की नियमित जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि काम में किसी तरह की कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि मरम्मत के बाद सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहें।
लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
इस बुनियादी ढांचे के सुधार से पटना शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर सड़कें होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियों में भी तेजी आएगी। विभाग का कहना है कि इस योजना के पूरा होने के बाद पटना की कई प्रमुख सड़कें गड्ढा मुक्त और सुरक्षित बनेंगी, जिससे यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक आरामदायक हो जाएगा।

You may have missed