पटना में सड़कों का होगा सर्वे, बंद होंगे कई यू-टर्न, लोगों को जाम से मिलेगी राहत
पटना। राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़कों पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अब सड़कों का नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे का उद्देश्य उन इलाकों और सड़कों की पहचान करना है, जहां रोजाना जाम की स्थिति सबसे गंभीर रहती है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कई जगहों पर यू-टर्न और कट बंद किए जाएंगे, ताकि लोगों को जाम से राहत मिल सके और आवागमन सुचारु हो।
लगातार बढ़ रहा वाहनों का दबाव
पिछले कुछ वर्षों में पटना में निजी वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा की तादाद भी लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर, शहर की ज्यादातर सड़कों की चौड़ाई में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। ऐसे में पुरानी ट्रैफिक व्यवस्था मौजूदा हालात को संभालने में नाकाम साबित हो रही है। कई प्रमुख सड़कों पर दिनभर जाम लगा रहता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों का काफी समय सड़कों पर ही बर्बाद हो जाता है।
पीक ऑवर्स में सबसे ज्यादा परेशानी
यातायात पुलिस के अनुसार, शहर की मुख्य सड़कों पर दिन के कुछ खास घंटे ऐसे होते हैं, जब ट्रैफिक का दबाव चरम पर पहुंच जाता है। सुबह करीब 9:30 बजे से 12:30 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक जाम की स्थिति सबसे गंभीर रहती है। यह वही समय होता है, जब लोग दफ्तर और स्कूल के लिए निकलते हैं या फिर काम से लौटते हैं। इन घंटों में कई चौक-चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और ट्रैफिक रेंगने लगता है।
सर्वे से तय होंगे बदलाव
यातायात पुलिस अब इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए सड़कों का विस्तृत सर्वे कराने जा रही है। इस सर्वे में यह देखा जाएगा कि किन सड़कों पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है, कहां जाम की वजह कट और यू-टर्न बन रहे हैं और किन जगहों पर सिग्नल सिस्टम की जरूरत है। सर्वे के दौरान ट्रैफिक की गति, वाहनों की संख्या और जाम लगने के समय का भी आंकलन किया जाएगा। इसके आधार पर अलग-अलग सड़कों की सूची तैयार की जाएगी।
कई यू-टर्न और कट होंगे बंद
सर्वे के बाद यातायात पुलिस कई सड़कों पर बने अनावश्यक कट और यू-टर्न को बंद करने की योजना बना रही है। खास तौर पर व्यस्त समय में कुछ कट अस्थायी रूप से बंद रखे जाएंगे, ताकि मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का प्रवाह बना रहे। कई जगहों पर देखा गया है कि यू-टर्न लेने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इन कटों को बंद करने से ट्रैफिक को सीधा रास्ता मिलेगा और जाम की समस्या कम हो सकती है।
चौक-चौराहों पर लगेंगी नई रेड लाइट
शहर के कई ऐसे चौक हैं, जहां अभी तक ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था नहीं है या फिर पुरानी व्यवस्था कारगर नहीं रह गई है। यातायात पुलिस इन जगहों पर नई रेड लाइट लगाने की तैयारी कर रही है। सिग्नल सिस्टम के जरिए ट्रैफिक को नियंत्रित करने से वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। इसके साथ ही सिग्नल के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी।
बेतरतीब पार्किंग भी बनी बड़ी समस्या
पटना में जाम की एक बड़ी वजह सड़कों के किनारे बेतरतीब पार्किंग भी है। कई इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है। हाल ही में चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने पर रोक लगाई गई थी। अब यातायात पुलिस इन नियमों के पालन को लेकर और सख्ती बरतने की तैयारी में है। निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
कई विभाग मिलकर करेंगे काम
इस सर्वे में सिर्फ यातायात पुलिस ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। सभी विभाग मिलकर जमीनी हालात का जायजा लेंगे और समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तलाशेंगे। ट्रैफिक एसपी के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर ठोस फैसले लिए जाएंगे, ताकि आम लोगों को रोजाना जाम की परेशानी से राहत मिल सके।
लोगों को मिलेगी राहत की उम्मीद
शहरवासियों को उम्मीद है कि इस सर्वे और उसके बाद होने वाले बदलावों से पटना की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा। अगर अनावश्यक यू-टर्न बंद होते हैं, सिग्नल सिस्टम बेहतर होता है और पार्किंग पर नियंत्रण किया जाता है, तो निश्चित तौर पर जाम की समस्या कम होगी। यातायात पुलिस का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ नियम लागू करना नहीं, बल्कि लोगों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा देना है। आने वाले दिनों में पटना की सड़कों पर यह बदलाव कितना असर दिखाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


