February 17, 2026

तेजस्वी ने राजद कार्यकर्ताओं को बुलाया पटना, बापू सभागार में पार्टी मनाएगी कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि

पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा के बजट सत्र के बीच राष्ट्रीय जनता दल ने संगठनात्मक गतिविधियों को रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को पटना बुलाया है। पूरे राज्य से राजद कार्यकर्ता राजधानी पहुंच रहे हैं। मौका है समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि का, जिसे राजद बड़े स्तर पर मनाने जा रही है।
बापू सभागार में होगा बड़ा आयोजन
राजद की ओर से यह कार्यक्रम पटना के बापू सभागार में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन तेजस्वी यादव करेंगे और इसके बाद वे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह सिर्फ एक स्मृति कार्यक्रम नहीं है, बल्कि संगठन को दिशा देने और आगामी राजनीतिक रणनीति को साझा करने का मंच भी होगा। बताया जा रहा है कि बिहार के लगभग हर जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। जिला स्तर पर पहले से ही तैयारियां की जा रही थीं, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता पटना पहुंच सकें।
बजट सत्र के बीच राजनीतिक संदेश
विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है और आज उसका 11वां दिन है। ऐसे समय में इस तरह का बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम कई मायनों में अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बजट सत्र के दौरान विपक्षी दल का इस तरह से कार्यकर्ताओं को एकजुट करना साफ संकेत देता है कि राजद सड़क से लेकर सदन तक सक्रिय भूमिका निभाने की रणनीति पर काम कर रही है। यह कार्यक्रम ऐसे समय पर हो रहा है जब आने वाले महीनों में पंचायत, निकाय या विधानसभा से जुड़े राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज होने की संभावना है। तेजस्वी यादव के लिए यह मौका होगा कि वे एक साथ पूरे बिहार के कार्यकर्ताओं से संवाद कर सकें।
कर्पूरी ठाकुर के विचारों को किया जाएगा याद
राजद की ओर से कहा गया है कि इस कार्यक्रम में कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय, पिछड़ा वर्ग और वंचित तबकों के उत्थान से जुड़े विचारों को याद किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति में सामाजिक बदलाव के बड़े प्रतीक रहे हैं और राजद खुद को उन्हीं विचारों की विरासत का वाहक मानती है। सभा में वक्ता उनके राजनीतिक जीवन, मुख्यमंत्री के रूप में लिए गए फैसलों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए कार्यों पर चर्चा करेंगे। इसके जरिए पार्टी अपने सामाजिक न्याय के एजेंडे को फिर से मजबूती से सामने रखने की कोशिश करेगी।
संगठन को मजबूत करने की कवायद
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम का एक बड़ा उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। चुनावी मौसम से पहले या बाद में यह पहला मौका होगा जब तेजस्वी यादव सीधे इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। सूत्र बताते हैं कि अपने भाषण में तेजस्वी यादव सरकार की नीतियों, बजट सत्र के दौरान उठाए गए मुद्दों और भविष्य की रणनीति पर भी बात कर सकते हैं। कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश होगी कि पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय है और हर मोर्चे पर संघर्ष के लिए तैयार है।
इनकम टैक्स चौराहे पर विवाद
इधर इस कार्यक्रम को लेकर पटना में एक विवाद भी खड़ा हो गया है। इनकम टैक्स चौराहे और आसपास के इलाकों में राजद की ओर से बड़ी संख्या में झंडे और बैनर लगाए गए थे। नगर निगम की टीम ने इन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके बाद राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। राजद नेताओं का आरोप है कि जानबूझकर पार्टी के कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि अन्य दलों के कार्यक्रमों के दौरान इस तरह की सख्ती नहीं दिखाई जाती। वहीं नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति लगाए गए बैनर और झंडे हटाए जा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं में उत्साह और आक्रोश दोनों
एक तरफ कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है, तो दूसरी ओर बैनर हटाए जाने को लेकर आक्रोश भी देखा जा रहा है। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे हर हाल में कार्यक्रम को सफल बनाएंगे और बड़ी संख्या में बापू सभागार पहुंचेंगे। राजद नेतृत्व की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर संयम बरतने की अपील की गई है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि यदि जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक विरोध दर्ज कराया जाएगा।
आगे की राजनीति पर नजर
कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के बहाने राजद पटना में शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है। बजट सत्र के बीच यह आयोजन न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति किस दिशा में जा सकती है, इसकी भी झलक दिखाएगा। अब सबकी निगाहें बापू सभागार में होने वाले कार्यक्रम और तेजस्वी यादव के संबोधन पर टिकी हुई हैं।

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