बजट सत्र में बिहार के लिए विशेष दर्जे की मांग करेगी राजद, बिहार का समर्थन लेने यात्रा पर निकलेंगे तेजस्वी
- राजद कोर कमेटी की बैठक में लिए गए फैसले, सुधाकर सिंह ने दी जानकारी, बिहार विधानसभा में होगा जबरदस्त हंगामा
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आगामी बजट सत्र को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। शुक्रवार को पटना में राजद संसदीय दल की करीब तीन घंटे तक चली अहम बैठक के बाद पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि वह अब आक्रामक रुख अपनाने जा रही है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद सुधाकर सिंह ने बताया कि राजद संसद से लेकर बिहार विधानसभा तक, दोनों ही मंचों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है। खासतौर पर बिहार को ‘विशेष राज्य का दर्जा’ और विशेष पैकेज दिलाने की मांग को बजट सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार लंबे समय से आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और जदयू की सरकारों ने सिर्फ वादे किए, लेकिन बिहार के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। राजद इस मुद्दे को लोकसभा में पूरी मजबूती से उठाएगी और केंद्र सरकार से जवाब मांगेगी कि आखिर बिहार के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केवल संसद ही नहीं, बल्कि बिहार विधानसभा के बजट सत्र में भी राजद सरकार को घेरने की रणनीति पर काम करेगी। विधानसभा में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे। राजद का मानना है कि मौजूदा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं से मुंह मोड़े हुए है और बजट सत्र में इन सवालों से सरकार की नीतियों की पोल खोली जाएगी। बैठक में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और जनआंदोलन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। सुधाकर सिंह ने बताया कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बड़ी प्रदेशव्यापी जन-संपर्क यात्रा पर निकलेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सरकार की नाकामियों को उजागर करना और बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग को जन आंदोलन का रूप देना है। यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव जिलों और प्रखंडों में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और आम लोगों की समस्याएं सीधे सुनेंगे। राजद सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि संगठनात्मक दृष्टि से भी बेहद अहम होगी। इसके जरिए पार्टी जमीनी स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करना चाहती है। सुधाकर सिंह ने बताया कि जल्द ही पार्टी की एक बड़ी संगठनात्मक बैठक भी बुलाई जाएगी, जिसमें यात्रा के कार्यक्रम, आंदोलन की रूपरेखा और भविष्य की रणनीति पर अंतिम मुहर लगेगी। बैठक में हालिया विधानसभा चुनाव में मिली हार पर भी गंभीर मंथन किया गया। सुधाकर सिंह ने स्वीकार किया कि पार्टी ने चुनावी नतीजों की गहन समीक्षा की है और हार के कारणों को समझने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसमें संगठनात्मक कमजोरियों, रणनीतिक चूकों और जमीनी स्तर पर हुई कमियों का उल्लेख होगा। यह रिपोर्ट जल्द ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी। राजद का कहना है कि इस समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव करेगी और भविष्य के चुनावों के लिए खुद को और मजबूत बनाएगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि जनता से सीधे जुड़ाव और जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता देकर ही राजद दोबारा सत्ता की ओर बढ़ सकती है। राजद ने साफ कर दिया है कि आगामी बजट सत्र उसके लिए बेहद अहम होने वाला है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग, सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख और तेजस्वी यादव की प्रस्तावित प्रदेशव्यापी यात्रा—ये सभी कदम इस बात के संकेत हैं कि राजद अब सियासी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।


