January 16, 2026

तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर बुलाई आरजेडी कोर कमेटी की बैठक, पार्टी के सांसद भी होंगे शामिल

पटना। खरमास की अवधि समाप्त होते ही बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव पूरी तरह सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने शुक्रवार को पटना स्थित अपने आवास पर आरजेडी की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है, जिससे इसके राजनीतिक महत्व को और अधिक गंभीर माना जा रहा है।
बैठक का समय और महत्व
जानकारी के अनुसार यह बैठक दोपहर करीब 2 बजे शुरू होगी। कोर कमेटी की बैठक को आरजेडी की रणनीतिक बैठकों में सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि इसमें पार्टी के शीर्ष नेता, वरिष्ठ विधायक और सांसद शामिल होते हैं। इस बैठक के जरिए तेजस्वी यादव न सिर्फ आने वाले सियासी कार्यक्रमों की दिशा तय करेंगे, बल्कि पार्टी संगठन को लेकर भी अहम संकेत दे सकते हैं।
बजट सत्र को लेकर रणनीति
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा 2 फरवरी से शुरू होने वाला बिहार विधानमंडल का बजट सत्र है। आरजेडी नेतृत्व इस सत्र को सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि बजट सत्र के दौरान किन मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा और विपक्ष की भूमिका को किस तरह अधिक प्रभावी बनाया जाए। पार्टी नेताओं के बीच यह भी चर्चा होगी कि विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ सांसद किस तरह से समन्वय बनाकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। सदन के भीतर सवाल पूछने, बहस में भागीदारी और रणनीतिक तरीके से मुद्दों को उठाने को लेकर विस्तृत योजना बनाई जा सकती है।
जनहित के मुद्दों पर फोकस
बताया जा रहा है कि आरजेडी इस बजट सत्र में महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मानना है कि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनसे आम जनता सीधे तौर पर प्रभावित है और जिन पर सरकार की जवाबदेही तय की जा सकती है। बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि किन नेताओं को किन मुद्दों पर बोलने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि सदन के भीतर विपक्ष की आवाज बिखरी न रहे और एक संगठित रणनीति के तहत सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
जमीनी फीडबैक पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव इस बैठक में अपने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से जमीनी हालात का फीडबैक भी लेंगे। वे यह जानना चाहेंगे कि जिलों और गांवों में जनता किन समस्याओं से जूझ रही है और सरकार के खिलाफ असंतोष किस रूप में उभर रहा है। इस फीडबैक के आधार पर पार्टी अपने राजनीतिक तेवर और अभियान की दिशा तय कर सकती है। आरजेडी नेतृत्व का मानना है कि केवल सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि बाहर भी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना जरूरी है। इसलिए बैठक में मीडिया मैनेजमेंट और जनसंपर्क को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
प्रस्तावित बिहार यात्रा पर चर्चा
बैठक का दूसरा अहम विषय तेजस्वी यादव की प्रस्तावित राज्यव्यापी बिहार यात्रा मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि इस यात्रा के जरिए तेजस्वी यादव संगठन को फिर से मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना चाहते हैं। बैठक में यह चर्चा हो सकती है कि यात्रा की शुरुआत किन जिलों से की जाए और किन मुद्दों को केंद्र में रखा जाए। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस यात्रा को केवल औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इसके जरिए आरजेडी जनता के बीच जाकर यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी पूरी तरह से सक्रिय है और आने वाले समय में सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
चुनावी हार के बाद संगठनात्मक समीक्षा
हालिया चुनावों में मिली हार के बाद आरजेडी के भीतर संगठनात्मक समीक्षा का दौर जारी है। इसी संदर्भ में यह कोर कमेटी बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक में हार के कारणों, संगठन की कमजोरियों और रणनीतिक चूकों पर गहन मंथन होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व यह भी संकेत दे सकता है कि आगे किन स्तरों पर बदलाव किए जाएंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए क्या नए प्रयोग किए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव पार्टी को आक्रामक और अनुशासित राजनीतिक मोड में लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
सांसदों की मौजूदगी का राजनीतिक संदेश
इस बैठक में पार्टी के सांसदों को शामिल किया जाना भी कई संकेत देता है। इससे यह साफ होता है कि आरजेडी सिर्फ विधानसभा राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राज्य के राजनीतिक माहौल को लेकर एक व्यापक रोडमैप तैयार करना चाहती है। सांसदों की मौजूदगी से यह संदेश भी जाता है कि पार्टी नेतृत्व सभी स्तरों पर समन्वय बनाकर आगे बढ़ना चाहता है।
आने वाली राजनीति की दिशा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र और प्रस्तावित बिहार यात्रा को लेकर यह बैठक आरजेडी की आगामी राजनीति की दिशा तय कर सकती है। तेजस्वी यादव किस तरह से पार्टी को आक्रामक विपक्ष के रूप में पेश करेंगे और सरकार के खिलाफ किन मुद्दों को केंद्र में रखेंगे, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। तेजस्वी यादव के आवास पर बुलाई गई आरजेडी कोर कमेटी की यह बैठक पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बैठक से कौन-कौन से बड़े राजनीतिक फैसले निकलकर सामने आते हैं और आरजेडी किस रणनीति के साथ आने वाले सियासी मुकाबलों में उतरती है।

 

You may have missed