एग्जिट पोल पर राजद का हमला, कहा- ये बीजेपी की साजिश, मतगणना में गड़बड़ी की आशंका
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही अब पूरा राज्य 14 नवंबर का इंतजार कर रहा है, जब मतगणना के बाद यह तय होगा कि सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी। इस बीच मंगलवार को मतदान समाप्त होते ही विभिन्न एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए। इन सर्वेक्षणों में एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इन एग्जिट पोल्स को पूरी तरह मनगढ़ंत, झूठा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश बताया है।
एग्जिट पोल पर आरजेडी का पलटवार
राजद के मुख्य प्रवक्ता और हिलसा से पार्टी प्रत्याशी शक्ति सिंह यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करते हुए इन एग्जिट पोल्स को जनता को गुमराह करने वाला बताया। उन्होंने लिखा कि “भ्रामक एग्जिट पोल भाजपा की साजिश है। बिहार की जनता ने पहले ही बदलाव का फैसला कर लिया है, लेकिन भाजपा प्रशासनिक तंत्र पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है ताकि मतगणना के दौरान गड़बड़ी की जा सके।” शक्ति सिंह यादव ने कहा कि एग्जिट पोल में जो आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, उनका जमीन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि “ये सभी सर्वे एजेंसियां भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं। जिन लोगों ने बिहार की धरती पर कदम भी नहीं रखा, वे वोटिंग ट्रेंड का विश्लेषण करने का दावा कर रहे हैं। यह सिर्फ जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश है।”
“बदलाव का जनादेश मिल चुका है”
राजद प्रवक्ता ने दावा किया कि इस बार बिहार की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि “लोग अब रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार जैसे वास्तविक मुद्दों पर मतदान कर रहे हैं। जनता ने झूठे वादों और खोखले नारों से मुंह मोड़ लिया है। इस चुनाव में जनता ने जिस जोश और उत्साह के साथ मतदान किया है, वह महागठबंधन की ऐतिहासिक जीत का संकेत है।”उन्होंने कहा कि महागठबंधन दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने जा रहा है। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि “बिहार की जनता ने भाजपा और उसके सहयोगियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब छल, प्रपंच और सांप्रदायिक राजनीति नहीं चलेगी। बिहार अब बदलाव की राह पर है।”
“एग्जिट पोल झूठ का जाल हैं”
राजद नेता ने एग्जिट पोल करने वाली संस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये वही संस्थाएं हैं जो पहले भी गलत आंकड़े पेश कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, “एग्जिट पोल सिर्फ टीवी चैनलों की टीआरपी बढ़ाने और सत्ता पक्ष को मनोवैज्ञानिक बढ़त देने का जरिया बन चुके हैं। इनमें न तो कोई तथ्य होता है और न ही कोई पारदर्शिता। इन एजेंसियों का मकसद केवल जनता के बीच भ्रम फैलाना है।” उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा साफ है – मतगणना के दौरान माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश करना। “भाजपा चाहती है कि अधिकारी और कर्मचारी इन झूठे एग्जिट पोल्स से प्रभावित हों और मतगणना में हेराफेरी कर दी जाए। लेकिन हम बिहार की जनता को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम हर मत पर नजर रखेंगे और किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
मतगणना में निष्पक्षता की अपील
राजद प्रवक्ता ने चुनाव आयोग और प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्षता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र की रक्षा हर अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वे किसी दबाव में न आएं और मतगणना के दौरान पारदर्शिता बनाए रखें।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी तरह की मनमानी या धांधली की कोशिश की गई, तो बिहार की जनता सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि “हम लोकतंत्र की मर्यादा में रहकर हर कदम उठाएंगे, लेकिन अगर जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ हुआ, तो जन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।”
“तेजस्वी यादव होंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री”
राजद प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद 18 नवंबर को तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने इसे बिहार के नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि विचार और विश्वास का परिवर्तन होगा। बिहार अब विकास, रोजगार और सम्मान की राजनीति चाहता है। यही तेजस्वी यादव की राजनीति का आधार है।” राजद ने कहा कि तेजस्वी यादव ने अपने चुनावी अभियान में जिन मुद्दों को उठाया — युवाओं को रोजगार, किसानों की मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार — उन्हीं मुद्दों पर जनता ने वोट किया है। अब बिहार एक नई दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है।
भाजपा पर हताशा का आरोप
शक्ति सिंह यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी जनता के मूड को समझ नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि “भाजपा अब बौखला चुकी है। उसे यह एहसास हो गया है कि इस बार जनता उसके खोखले नारों के झांसे में नहीं आई। इसी कारण एग्जिट पोल्स का सहारा लेकर मनोवैज्ञानिक खेल खेला जा रहा है।” उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में आखिरी फैसला जनता का होता है, न कि मीडिया सर्वेक्षणों का। “भाजपा चाहे जितना प्रोपेगेंडा चलाए, बिहार की जनता अब जागरूक है और अपनी किस्मत खुद लिखना जानती है।”
14 नवंबर पर टिकी निगाहें
एग्जिट पोल और वास्तविक परिणामों के बीच अक्सर बड़ा अंतर देखने को मिला है। इसलिए अब सभी की निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार का जनादेश कई समीकरणों को बदल सकता है। जहां एनडीए आत्मविश्वास के साथ अपनी वापसी की बात कर रहा है, वहीं महागठबंधन का दावा है कि जनता ने इस बार “बदलाव” को चुना है। एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियों के बावजूद आरजेडी को पूरा भरोसा है कि जनता का फैसला पूरी तरह उनके पक्ष में जाएगा। एग्जिट पोल्स को लेकर बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राजद ने जिस तरह से भाजपा और सर्वे एजेंसियों पर आरोप लगाए हैं, उससे यह स्पष्ट है कि पार्टी मतगणना प्रक्रिया पर चौकन्नी नजर रखेगी। वहीं भाजपा इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रही है और एनडीए की जीत को “जनता का भरोसा” करार दे रही है। लेकिन सच्चाई क्या है, यह 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी — जब जनता का असली फैसला सामने आएगा और तय होगा कि बिहार में “सुशासन” लौटता है या “बदलाव” की नई सुबह होती है।


